कम पानी में अधिक सिंचाई का प्लान, विभाग 1100 करोड़ से बनवाएगा पौने तीन लाख हेक्टेयर में ‘कूल’

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मुरैना Oct 30, 2018

भारत सरकार की गाइड लाइन का हिस्सा

चंबल संभाग के मुरैना, भिंड व श्योपुर जिले में खेतों की सरकारी मेढ़ों पर पक्की सिंचाई नालियों के निर्माण प्लान, भारत सरकार की गाइड लाइन का हिस्सा है। सरकार की मंशा है कि सिंचाई के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले पानी की एक-एक बूंद फसलों के उत्पादन को बढ़ाने में काम आए। गाइड लाइन पर काम करते हुए जल संसाधन विभाग ने कूल निर्माण की कार्ययोजना तैयार कर उसे बजट स्वीकृति के लिए आयुक्त कमांड एरिया डवलपमेंट भोपाल को भेजा है।

कूल रोकेंगी पानी की बर्बादी

खेतों की सिंचाई के दौरान नहर का पानी काफी तादाद में बर्बाद हो जाता है। इससे टेल पोर्शन के किसानों के फसल की सिंचाई के लिए नहर का पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता है। कूल के माध्यम से पानी का उपयोग होने पर पानी की बर्बादी पर अंकुश लगेगा। इससे सिंचाई क्षेत्रफल का विस्तार होगा।

कहां कितने क्षेत्रफल में बनेंगी कूल

1,39,270 हेक्टेयर क्षेत्र मुरैना में

92,300 हेक्टेयर भिंड में

11830 हेक्टेयर श्योपुर में

किसान चार लाख हेक्टेयर में कर सकेंगे सिंचाई

चंबल मैन कैनाल को 169 किमी., अंबाह ब्रांच कैनाल को 171, लोअर मैन कैनाल को 50, मुरैना ब्रांच कैनाल को 36, भिंड ब्रांच कैनाल को 78 किमी. की लंबाई में सीमेंटीकरण किए जाने से नहर का सिंचाई क्षेत्रफल एक लाख से बढ़कर 3.5 लाख हेक्टेयर हो गया है। इसे कूल के माध्यम से चार लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। नहरों में लाइनिंग वर्क कराए जाने से पानी का रिसाब रुका है। टेल पोर्शन तक पानी का डिस्चार्ज बढ़ा है। नहर में पानी छोड़ने के दौरान नहर टूटने की घटनाएं भी पहले से कम हैं।

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