सीएम कह गए थे 15 अक्टू. तक देंगे मुआवजा, 242 करोड़ में से 78 करोड़ बांटे, सरकार के पास बजट खत्म

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नीमच Oct 31, 2019

जिले में अतिवृष्टि और बाढ़ में घर, खेत और कुएं सब तबाह हुए दो माह हो गए है। अब भी प्रभावितों को राहत राशि नहीं मिल सकी है। जिले में 1 लाख 46 हजार 653 किसानों के 1 लाख 56 हजार हेक्टेयर में फसल नुकसानी हुई है जिसका सर्वे व सत्यापन के बाद 242 करोड़ रुपए की मंजूरी सरकार से मिली। उसमें से 78.33 करोड़ रुपए वितरित हुए। बाकी राशि सरकार के पास बजट नहीं होने से अटक गई है। जबकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दौरे पर आए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रभावितों को 15 अक्टूबर तक राहत राशि देने का दावा किया था। 15 दिन बाद भी सिर्फ 32 फीसदी राशि के रूप में 78.33 करोड ही वितरित हुए है।

इस साल बाढ़ से जिले में खरीफ फसल 1 लाख 56 हजार हेक्टेयर में नष्ट हो गई है। धीमी से गति हुए सर्वे कार्य के बाद अब नुकसानी का आंकलन तो स्पष्ट हो गया है लेकिन राहत राशि अब तक प्रभावितों काे नहीं मिली। तहसीलदारों द्वारा नुकसानी सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर के माध्यम से शासन काे भेज दी थी। सरकार ने राशि मंजूर की अाैर बिल भी कोषालय में लगा दिए गए। सरकार के खजाने में पर्याप्त बजट नहीं होने से पूरी राशि नहीं मिली। यह राशि सरकार के ग्लोबल बजट में से सीधे किसानों के खाते में जमा हाेना है। इसमें से पिछले सप्ताह 78.33 करोड़ राहत राशि किसानों के खाताें में पहुंची। सरकार के पास बजट नहीं हाेने से बाकी राशि अब तक जमा नहीं हुई। ऐसे में अधिकांश किसान राहत राशि से वंचित है। वे रबी फसल की तैयारी भी नहीं कर पा रहे है। इस संबंध में प्रशासन के अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं कि शेष राशि कब तक वितरीत होगी।

1.46 लाख प्रभावित किसान

अन्य नुकसानी का पूरा मिल गया मुआवजा

फसलों के साथ जनहानि, पशुहानि और मकान क्षतिग्रस्त होने से भी लोगों को नुकसान हुआ है। तहसील स्तर पर इन सभी का सर्वे व सत्यापन कराने के बाद नुकसान की राशि वितरित की गई। इसमें 18 जनहानि पर 72 लाख, 243 पशुहानि पर 54.24 लाख तथा 5022 मकान क्षतिग्रस्त होने पर 8887.23 लाख की राशि संबंधित को वितरित हो गई है।

राहत राशि के लिए रोज तहसीलों के चक्कर काट रहे किसान

मालाहेडा के मदनलाल लौहार ने बताया 1 हेक्टेयर 60 आरी में सोयाबीन फसल में करीब 70 फीसदी नुकसान हुआ। नुकसानी आंकलन हो गया है। मुआवजे के लिए महीने भर से चक्कर लगा रहे हैं। सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। पिपलियारावजी के देवेंद्रसिंह शक्तावत ने बताया 3 एकड़ कृषि भूमि में नुकसान हुआ है लेकिन उसका राहत राशि अभी तक नहीं मिली है। पटवारी से संपर्क किया तो उन्होंने कहा सर्वर डाउन होने से पैसा नहीं डल पाया है। सर्वर समस्या हल होने पर राशि खाते में आ जाएगी।

1.56 लाख हेक्टेयर फसल नुकसान

242 कराेड़ मुअावजा मिलना

78.33 कराेड़ अब तक मिला

जितना बजट मिला उतने किसानों को बांट दी राशि

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