समर्थन मूल्य खरीदी की राशि किसानों के खाते में होगी जमा

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नीमच Oct 27, 2018

जिले की 24 सोसायटियों और अन्य खरीदी केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर उपज की खरीदी छठे दिन भी शुरू नहीं हुई। विपणन संघ इसके लिए किसानों को जिम्मेदार ठहरा रहा है। रबी फसल बोवनी के कारण किसान उपज लेकर केंद्र पर नहीं पहुंच रहे हैं। इधर, किसान एसएमएस के इंतजार में बैठे हुए है। शुक्रवार को भी किसी को मैसेज नहीं मिला। संघ अब दीपावली बाद ही खरीदी में तेजी की उम्मीद जता रहा हैं। सभी केंद्रों पर सर्वेयर नियुक्त कर बारदान पहुंचाने का दावा किया।

किसानों से हर बार एमएसपी खरीदी पर भुगतान को लेकर सोसायटियों द्वारा किए जाने वाले विलंब को देखते हुए सरकार ने इस बार बैंक के सर्वर से किसान का डाटा मैच कर सीधे खाते में भुगतान की तैयारी शुरू कर दी है। सोसायटी प्रबंधक को सिर्फ किसान की उपज खरीदी को सत्यापित कर डिजिटल हस्ताक्षर करना होगा। इसके बाद सरकार बैंक के माध्यम से सीधे किसान के खाते में भुगतान कर देगी। इससे चैक से भुगतान में होने वाले विलंब से छुटकारा मिलेगा। एसएमएस मिलने पर खरीदी केंद्र पहुंचने वाले किसान पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर टोकन देकर ओटीपी वेरीफिकेशन के बाद खरीदी की जाएगी।

डाटा मैच कर करेंगे भुगतान- फूड ऑफिसर आरसी जांगड़े ने बताया इस बार 1.42 लाख क्विंटल खरीदी का अनुमान है। 24 सोसायटी, जावद मंडी और सिंगोली, रामपुरा और जीरन उप मंडी तथा 8 गोदामों को खरीदी केंद्र बनाए हैं। सरकार इस बार बैंक के सर्वर से किसान का डाटा मैच कर सीधे भुगतान किया जाएगा। सोसायटी प्रबंधक को किसान की उपज खरीदी को सत्यापित कर डिजिटल हस्ताक्षर करना होगा।

किसान ही नहीं पहुंच रहे

विपणन संघ अधिकारी केसी पांडे ने बताया खरीदी केंद्रों पर तैयारी पूरी कर ली है। किसान उपज लेकर नहीं पहुंच रहे हैं। अभी भावांतर में सोयाबीन व मक्का बेचने में लगे हुए हैं। इस बार 19 जनवरी तक खरीदी होना है। दीपावली बार केंद्रों पर उपज लेकर आने वालों की भीड़ बढ़ जाएगी। अभी किसी किसान को एसएमएस नहीं मिला है।

मंडी अधिकारी की सख्ती से सिंगोली में उप मंडी शुरू

उप मंडी में उपज की नीलामी में भाग लेते व्यापारी व उपस्थित मंडी कर्मचारी।

सिंगोली | कृषि मंडी में खरीदी न करते हुए मनमर्जी से बाजार में खरीदी करने वाले मंडी व्यापारियों और उपज बेच रहे किसानों पर जावद के सहायक निरीक्षक भीमा खोखर ने सख्ती दिखाई। इसके बाद सिंगोली में फिर से मंडी शुरू हो गई है। राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र में 90-100 किमी दूर नीमच और चित्तौड़गढ़ मंडी में किसानों को उपज ले जाने में परेशानी होती है। किसानों ने स्थानी व्यापारियों को ही बेचना शुरू कर दी। भावांतर और समर्थन मूल्य पर उप मंडी में कम उपज की खरीदी हो पाती थी। इससे मंडी टैक्स की वसूली प्रभावित हो रही थी। इसको देखते हुए मंडी उप निरीक्षक ने व्यापारियों और किसानों से चर्चा कर समझाइश दी। मंडी में व्यापार नहीं करने पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी। इसके बाद व्यापारी मंडी में खरीदी के लिए तैयार हुए। शुक्रवार से मंडी में मक्का, मूंगफली, सोयाबीन, उड़द, गेहूं , चना उपज बेचने के लिए किसान पहुंचे।

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