एप से निकलेगी पर्ची तभी किसानों को खरीदी केंद्र में मिलेगा प्रवेश

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नीमच Oct 19, 2018

भावांतर खरीदी में हुई पिछली गलतियों और गड़बड़ियों से सबक लेते हुए सरकार इस बार पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर रही है। गड़बड़ी रोकने प्रदेश की सभी 257 मंडियों में सोयाबीन व मक्का की भावांतर खरीदी मोबाइल एप्लीकेशन से ऑनलाइन निकलने वाली प्रवेश पर्ची के आधार पर की जाएगी। इससे पंजीकृत किसानों से ही खरीदी हो सकेगी। व्यापारियों का माल खरीदने जैसे आरोपाें से बचा जा सकेगा। भुगतान नहीं होने संबंधी किसानों की शिकायतों का निराकरण करना आसान होगा। ऑनलाइन पर्ची जनरेट होने से खरीदी की निगरानी जीपीएस से होगी। इससे प्रवेश पर्ची निकालने व भावांतर बिल पिछली तारीख का लगाने पर लोकेशन ट्रैस हो जाएगी। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लग सकेगी। प्रवेश पर्ची निकलने के बाद किसान के मोबाइल पर एसएमएस आएगा जिसमें विवरण के साथ एक नंबर भी आएगा। इसके बाद ही मंडी में किसान के माल को प्रवेश मिलेगा और नीलामी में शामिल किया जाएगा।

इस बार जिले में 58,845 किसानों ने ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराया है। भावांतर में सोयाबीन व मक्का खरीदी के लिए जिले की सभी मंडियों में तैयारी शुरू हो चुकी है। इस बार समर्थन मूल्य पर उड़द, मूंग, मूंगफली, तिल, रामतिल खरीदी के लिए 24 केंद्र बनाए हैं। एमएसपी पर मोटा अनाज ज्वार, बाजरा व धान खरीदी जावद, मनासा और नीमच मार्केटिंग सोसायटियां सीधे वेयर हाउस पर करेंगे। यहां किसानों के लिए छाया, बैठने व पीने के पानी की व्यवस्था के निर्देश खरीदी करने वाली संस्थाओं को दिए गए हैं। पिछले साल 43,632 किसानों ने ही पंजीयन कराया था जिनसे खरीदी के लिए 19 केंद्र बनाए गए थे। इस बार इनकी संख्या 24 है। खरीदी नागरिक आपूर्ति निगम करेगा।

पंजीयन नंबर डालते ही कृषि मंडी के कर्मचारी के मोबाइल पर आ जाएगा किसान का पूरा रिकॉर्ड

मंडी सचिव संजीव श्रीवास्तव ने बताया ई-मंडी पोर्टल पर नई एप्लीकेशन के माध्यम से भावांतर खरीदी के लिए पंजीकृत किसान की प्रवेश पर्ची ऑनलाइन जनरेट की जाएगी। किसान का पंजीयन नंबर डालते ही उसका पूरा रिकॉर्ड मंडी कर्मचारी के मोबाइल पर खुल जाएगा। इसका मिलान कर किसान काे प्रवेश पर्ची दी जाएगी। इसका एसएमएस किसान के मोबाइल पर भी जाएगा। इससे पिछली बार हुई गड़बड़ी व भुगतान में हुई देरी संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा। मोबाइल में जीपीएस ऑन रहने से ऑनलाइन मॉनिटरिंग संभव होगी।

500 रु. तक मिलेगी राशि, 257 को दी ट्रेनिंग

भावांतर में इस बार अधिकतम 500 रुपए तक अंतर की राशि का भुगतान होगा। नई व्यवस्था को लेकर प्रदेश की सभी 257 मंडियों के सचिव व एक-एक कर्मचारियों को प्रशासनिक अकादमी भोपाल में गुरुवार को ट्रेनिंग दी गई। उन्हें किसानों को मोबाइल साथ रखने की हिदायत दी।

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