पिपरिया को सूखा घोषित कराने जिद पर अड़े किसान

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पिपरिया Oct 08, 2018

पिपरिया तहसील के विभिन्न ग्रामों से आए किसानों ने शुक्रवार को तहसील कार्यालय में ज्ञापन देकर पिपरिया तहसील को सूखा घोषित करने की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि आचार संहिता लगने के पहले अगर पिपरिया को सूखा घोषित नहीं किया गया तो किसान भूख हड़ताल और दूसरे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। कांग्रेस नेता दिलीप पालीवाल, धर्मेंद्र नागवंशी और रमेश पटेल बोडना वालों ने कहा कि अल्प वर्षा के कारण पूरा क्षेत्र सूखे की मार झेल रहा है। डोकरीखेड़ा बांध में पानी नहीं है। इस बांध से जुड़े तरौन, सिमारा, खैरी, कल्लूखापा, समनापुर, बोड़ना, बमोरी, नाहरवाड़ा, डापका सहित तीन दर्जन गांव में पलायन की स्थिति बन रही है। इन गांव के अलावा पिपरिया तहसील के दूसरे गांव की हालत भी बहुत खराब है। किसानों ने कहा उड़द और मूंग की फसल में पानी नहीं गिरने के कारण खराब हो चुकी हैं। धान और मक्का की फसलें भी सूखने लगी हैं। हालत यह है कि नदी नालों में पानी नहीं है और कुआं ट्यूबवेल का भूजल स्तर बहुत नीचे गिर गया है। किसान को अगर सही समय पर सहायता नहीं मिली तो परिवार को पालना मुश्किल हो जाएगा।

किसानों ने मांग की है कि आचार संहिता के पहले ही मैदानी सच्चाई को समझने के लिए प्रशासन फसलों का सर्वे करवा ले ताकि उसे किसानों की बात का भरोसा हो सके। किसानों ने कहा है कि यदि चार-पांच दिन में क्षेत्र को सूखा घोषित नहीं किया गया तो हम सभी आंदोलन के लिए विवश होंगे। भूख हड़ताल के साथ ही आंदोलन के अन्य पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है।

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