पुलिया बनाने से नपा को रोका ताे किसानाें के तहसीलदार ने तुड़वाए 4 मकान, मिन्नतों के बाद 1 को 3 दिन की मोहलत

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रायसेन | Oct 04, 2018

शहर के नरापुरा से लेकर बायपास तक के लिए सड़क निर्माण के लिए बुधवार को नगरपालिका ने काम शुरू किया। लेकिन पुलिया की खुदाई को एक किसान द्वारा सरकारी जमीन को निजी जमीन बताते हुए रुकवा दिया। इसके बाद मौके पर राजस्व अमले के साथ तहसीलदार पहुंचे। उन्होंने वहां चार मकानों को जेसीबी से तुड़वा दिया। इस दौरान किसान और दूसरे लोगों ने मकान न तोड़ने के लिए मिन्नतें की और विवाद भी किया। लेकिन तहसीलदार सुशील कुमार ने जमीन का सीमांकन करवाकर मकान तुड़वा दिए। इस दौरान सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर राकेश पुत्र ऊधमसिंह कुशवाह का मकान तोड़ा गया है। वहीं वक्फ बोर्ड की जमीन पर छोटू पुत्र चुन्नू शाह, सायिता बी प|ी मकसूद खान की मकान भी तोड़ दिए गए है। जबकि हबीब पुत्र हसन अली का मकान आधा तोड़ने के बाद वे खुद उसे हटाने के लिए तैयार हो गए। इसके चलते उन्हें तहसीलदार ने तीन दिन की मोहलत दी है।

शहर की पुरानी बस्ती नरापुरा से लेकर बायपास तक एक बीएमडब्ल्यू सड़क बनी हुई है। इस सड़क पर पक्की सड़क और पुलिया बनाने के लिए बुधवार को नगरपालिका ने काम शुरू करवाया तो किसान ऊधम सिंह ने इसे रुकवा दिया। घटना की जानकारी मिलने पर दोपहर साढ़े 12 बजे करीब नगरपालिका सीएमओ ज्योति सुनेरे और जेई पीके साहू मौके पर पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने किसान राकेश और ऊधमसिंह कुशवाह को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह मानने को तैयार ही नहीं हुए। करीब दो बजे मौके पर तहसीलदार सुशील कुमार राजस्व अमले के साथ पहुंचे और उन्होंने जमीन की नपती कराई तो सड़क की बात तो दूर, किसान का घर भी सरकारी जगह में बना हुआ पाया गया।

किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन सरकारी घोषित कर मकान तोड़वा दिए गए

किसान ऊधमसिंह का इस तरह तोड़ दिया गया मकान।

किसान ने लगाए अारोप

किसान ऊधमसिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह जमीन उनके पिता के समय से उनके पास है। लेकिन कुछ सालों पहले कागजों में इसे किसी षड्यंत्र के तहत सरकारी घोषित कर दिया गया। लोगों को दिक्कत न हो इसलिए उसने सड़क के लिए अपनी जमीन भी उपलब्ध करा दी थी। लेकिन अब पुलिया इस तरह से बनाई जा रही है कि उसके खेत को उससे नुकसान होगा। इसलिए शासन ने कागजों में हेराफेरी कर उसे 30 साल पहले सरकारी कर दिया गया है। लोगों की समस्याओं को देखते हुए उसने यहां सड़क बनाने के लिए जगह दे दी थी। लेकिन अब यहां से पुलिया नहीं बनाने देंगे।

बहाव रखना है सीधा

नगरपालिका से मिली जानकारी के मुताबिक वे पुलिया का निर्माण इस तरह से कराना चाहते है जिससे पानी के बहाव में कोई रुकावट न आए। यदि रुकावट आती है तो पानी की निकासी कम होगी। मोहल्लों में बारिश का पानी जमा होने की स्थिति निर्मित होने लगेगी। इससे किसान के कहने मुताबिक पुलिया नहीं बनाई जा सकती।

मुस्लिमों की मांग पर हटाया अतिक्रमण

वहीं दूसरी और बायपास सड़क पर फिल्टर प्लांट के पास वक्फ बोर्ड की जमीन पर चार मुस्लिम परिवारों ने कब्जा कर वहां अपने मकान बना लिए थे। समाज के कहने पर वे अपने मकान छोड़ने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद शांति समिति की बैठक में मुस्लिम त्योहार कमेटी के नगर अध्यक्ष अनस खान द्वारा कलेक्टर मांग की। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड की जमीन पर ईदगाह बनाई जानी है। इसको लेकर उन्होंने अतिक्रमण हटाए जाने की मांग की थी। उसके बाद बुधवार को चार में से तीन मकान तोड़ दिए गए। वहीं एक महिला द्वारा मिन्नतें करने पर एक मकान छोड़कर उन्हें तीन दिन की मोहलत देकर छोड़ दिया गया।

पहले भी रुकवाया था काम

नगरपालिका से मिली जानकारी के मुताबिक पहले भी इस सड़क पर पुलिया बनाने के लिए काम शुरू किया गया था। लेकिन किसान के द्वारा उस समय भी विरोध करने के बाद काम रुकवा दिया था। बुधवार को किसान ने फिर काम रुकवाने का प्रयास किया।

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