सैलाना के 200 से ज्यादा किसानों का मुआवजा लेने से इंकार, क्योंकि जमीन को बता दिया है असिंचित

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रतलाम Dec 10, 2019

सैलाना के 200 से ज्यादा किसानों ने मुआवजा लेने से इंकार कर दिया है,क्योंकि प्रशासन नहर से सिंचित जमीन को असिंचित बताकर मुआवजा दे रहा है। किसानों का कहना है हम 30 साल से भी ज्यादा समय से धोलावड़ से आ रही नहर से खेत की सिंचाई कर रहे हैं लेकिन पटवारियों ने रिकाॅर्ड दुरुस्त नहीं किया जिसका खामियाजा हमें उठाना पड़ रहा है।

राजस्व विभाग ने जिन खेतों में कुएं, ट्यूबवेल हैं उन्हें तो सिंचित मान लिया लेकिन जो नहर से सिंचाई कर रहे हैं उन्हें रिकाॅर्ड में सिंचित नहीं माना है। हमने प्रशासन को लिखित में दे दिया है कि हमारी जमीन सिंचित है और हम किसी भी हालत में असिंचित जमीन का मुआवजा नहीं लेंगे।

दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे में सैलाना क्षेत्र के बीड़, बीड़ भेटिया, माला का बीड़, हड़ाको, मरगुल, डूबी, दौलतपुरा सहित आसपास के 10 से ज्यादा गांव के 200 से ज्यादा किसानों ने मुआवजा लेने से इंकार कर दिया है।

पूर्व जनपद सदस्य शिवनाथ रजावत बताते हैं क्षेत्र में 30 साल से भी ज्यादा समय से धोलावड़ डैम से नाहरपुरा तक नहर निकल रही है। क्षेत्र के 200 से ज्यादा किसान ऐसे हैं जो नहर से सिंचाई कर रहे हैं लेकिन राजस्व रिकाॅर्ड में उनकी जमीन को असिंचित बताया जा रहा है। इससे किसानों को मुआवजा आधा ही मिल रहा है। इस कारण किसानों ने मुआवजा लेने से इंकार कर दिया है। विधायक हर्षविजय गेहलोत के साथ मिलकर मामले में कलेक्टर से चर्चा भी की है। उन्होंने सुधार का आश्वासन दिया है।

सिंचित जमीन का किसानों को दोगुना मिलेगा मुआवजा – क्षेत्र के किसान इंदरलाल गणावा बताते हैं पटवारी रिकाॅर्ड दुरुस्त करते हैं तो किसानों को दो गुना मुआवजा मिलेगा।

विधायक : किसानों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे

विधायक हर्षविजय गेहलोत बताते हैं कि हमने पूरा मामला कलेक्टर को बताया है। किसी भी हालत में किसानों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।

हम सुधार कर रहे हैं ताकि किसानों को सही मुआवजा मिल सके

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