सोसायटियों में यूरिया तो वहां नकद बिक्री बंद, गोदाम से बिक्री के आदेश वहां स्टॉक नहीं

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रतलाम Nov 26, 2019

यूरिया का संकट है, यह बात सोमवार को कृषि अधिकारियों ने भी मान ली। भास्कर ने सोमवार के अंक में यूरिया संकट को लेकर मुद्दा उठाया था। इसके बाद अधिकारियों ने सरकारी गोदाम, बाजार में निजी दुकानों का निरीक्षण किया। जहां स्टॉक नहीं मिला। सोसायटियों में स्टॉक होने की जानकारी सामने आई। यूरिया संकट इसलिए भी है क्योंकि कलेक्टर ने गोदाम से नकद बिक्री के आदेश दे दिए लेकिन यहां स्टॉक नहीं है। जबकि सोसायटियों में स्टॉक है लेकिन वहां से नकद बिक्री के आदेश नहीं है। कृषि अफसरों की मानें तो पूरे ब्लॉक में 2 हजार टन यूरिया की जरूरत है।

यूरिया खाद की सबसे ज्यादा डिमांड गेहूं की फसल में है। 36 हजार हेक्टेयर में गेहूं फसल होने से अचानक डिमांड बढ़ी और संकट गहरा गया। भास्कर ने सोमवार के अंक में “गेहूं में दूसरी सिंचाई से पहले यूरिया जरूरी, मांग बढ़ी व आपूर्ति घटी, यूं गहराया संकट’’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की तथा यूरिया संकट तथा इससे किसानों को हो रही परेशानी उजागर की। यह भी बताया था कि सरकारी गोदाम व सोसायटियों से किसानों को नकद बिक्री में यूरिया नहीं मिलने के कारण ज्यादा परेशानी है। तब अफसरों ने कहा था सरकारी गोदाम से नकद बिक्री के आदेश हो चुके हैं। फिर भी यूरिया नहीं मिल रहा इसका कारण जांचेंगे। सोमवार दोपहर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी डीएस तोमर, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी बीएल पाटीदार दोनों स्टॉक की वास्तविकता जांचने के लिए सेजावता रोड स्थित मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ के सरकारी गोदाम पहुंचे। वहां गोदाम प्रभारी राजाराम मिस्करे से जानकारी ली और गोदाम देखा तो यूरिया का स्टॉक बिल्कुल नहीं था। शनिवार-रविवार को जो 141 टन यूरिया आया था, वह सीधे सोसायटियों में डिमांड होने से वहां भेज दिया। ऐसे में गोदाम में यूरिया ही नहीं बचा। इसलिए नकद बिक्री शुरू नहीं हुई। इसके बाद अधिकारी नगर स्थित सोसायटी पहुंचे। यहां 56 टन यूरिया का स्टॉक था लेकिन नकद बिक्री के आदेश नहीं है। इसलिए बेच नहीं रहे। सोसायटियों से अभी केवल खातेदार किसानों को ही पावती पर खाद दिया जा रहा है। यदि नकद बिक्री शुरू हो जाए तो जो खातेदार नहीं है उन्हें भी यूरिया मिलने लगेगा।

कृषि अधिकारियों ने गोदाम के साथ ही सोसायटी व बाजार में दुकानों पर स्टॉक की जांच की।

खुले बाजार में भी दो दुकानों पर यूरिया स्टॉक

कृषि अधिकारियों ने बाजार में निजी दुकानों पर भी स्टॉक जांचा। ज्यादातर दुकानांे पर यूरिया नहीं मिला। खाचरौद नाका क्षेत्र में भी दुकानें खाली थी। पुरानी धानमंडी व बड़े बगीचे के पास कोचट्टा उद्यान पहुंचे। यहां दो दुकानांे पर स्टॉक है, जो विधिवत था। एसएडीओ तोमर ने बताया बाजार में प्रति व्यापारी 10 टन का स्टॉक रख सकता है। फिलहाल बाजार में भी ज्यादातर दुकानों पर स्टॉक नहीं है।

आज रतलाम से आएंगे अधिकारी, सोसायटियों का स्टॉक जांचा जाएगा

कृषि अधिकारियों ने यूरिया किल्लत से जिले में कृषि संचालक को अवगत करवा दिया। वहीं सरकारी गोदाम प्रभारी से रिपोर्ट मांगी कि जो यूरिया इस सीजन में आया उसका कितना स्टॉक किस-किस सोसायटी को भेजा है। इसी आधार पर सोसायटियों का स्टॉक भी जांचा जाएगा। यदि पर्याप्त स्टॉक हुआ तो कलेक्टर को पत्र भेजकर सोसायटियों से भी नकद बिक्री शुरू करवाने का प्रयास करेंगे। मंगलवार को रतलाम से कृषि सहायक संचालक अर्चना नामदेव जावरा आएंगीं और यूरिया संकट की समीक्षा करेंगी। स्टॉक जांच के लिए फिल्ड का दौरा भी किया जाएगा।

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