20 से होना थी उड़द-मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी, पांच दिन बाद भी नहीं हो पाई शुरू, 86 हजार किसान परेशान

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सागर Oct 25, 2018

जिले में अब तक समर्थन मूल्य पर उड़द एवं मूंग की खरीदी प्रक्रिया शुरु नहीं हो पाई है। करीब 88 हजार किसानों ने उड़द और मूंग को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए अपना पंजीयन कराया है। इनमें 83 हजार 101 किसान उड़द के लिए तो 3 हजार 151 किसान मूंग बिक्री के लिए पंजीकृत हुए हैं।

शासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार 20 अक्टूबर से दोनों फसलों की खरीदी शुरु होना थी, लेकिन सागर जिले में अब तक एक भी केंद्र पर खरीदी शुरु नहीं हो सकी है। जिले में इस बार 69 खरीदी केंद्र उड़द एवं मूंग की खरीदी के लिए बनाए गए हैं, लेकिन कहीं भी खरीदी शुरू नहीं हुई है। किसानों द्वारा पूछने पर केंद्रों पर बताया जा रहा है कि बारदाना नहीं आने के कारण यह खरीदी प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। आचार संहिता लागू होने के चलते किसी भी प्रकार की खरीदी में टेंडर आदि की प्रक्रिया अपनाने निर्वाचन आयोग से परमिशन लेना जरूरी है। इसी की अनुमति मिलने में देरी होने के चलते बारदाना नहीं आ सका। जिसके कारण खरीदी अटक गई। बहरहाल केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने के कारण लगातार पांच दिन निकल चुके हैं। इसके चलते रोजाना किसान समिति प्रबंधकों के पास पहुंचकर यह पूछ रहे हैं कि खरीदी प्रक्रिया कब शुरू होगी, लेकिन उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिल पा रहा है।

आज और कल तक खरीदी शुरू नहीं हुई तो 4 दिन और करना होगा इंतजार

इस बार किसानों से खरीदी सप्ताह में सिर्फ 5 दिन यानी सोमवार से शुक्रवार तक ही होगी। शेष दो दिनों में खरीदी का परिवहन-भंडारण आदि का काम होगा। इस हिसाब से इस सप्ताह के 3 दिन तो निकल ही गए हैं, अब सिर्फ दो दिन और रह गए हैं। 26 अक्टूबर के पहले खरीदी शुरु नहीं हुई तो किसानों को अगले सप्ताह यानी 29 अक्टूबर तक का इंतजार करना होगा। गौरतलब है कि मूंग एवं उड़द की खरीदी 19 जनवरी तक चलेगी। इसके लिए विपणन संघ को एजेंसी नियुक्त किया गया है।

कलेक्टर के निर्देशों का असर नहीं : कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने सोमवार को टीएल बैठक में निर्देश दिए थे कि खरीदी केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं तुरंत जुटाएं ताकि किसानों को कोई समस्या न हो। वीसी में मिले निर्देशों के संबंध में भी आदेश जारी किए थे। इसके बाद भी केंद्रों से खरीदी शुरू नहीं हो सकी है। इस बार केंद्रों में संस्था द्वारा बोरों में केंद्र के साथ ही किसान को आवंटित नंबर की स्लिप भी लगाई जाएगी, जिससे पहचान हो सके कि कौन सा उत्पाद किस किसान का है। बिना ऑनलाइन टोकन के उपार्जन न किया जाए। सूचना पटल, उपार्जन बैनर तथा सामान्य जानकारी एफएक्यू सैंपल, एफएक्यू गुणवत्ता का मापदंड, भुगतान एवं टोल-फ्री नंबर का प्रदर्शन सभी केंद्रों पर किया जाना है। अधिकांश केंद्रों पर यह सुविधाएं नहीं हैं।

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