21 दिन में सिर्फ 31 केंद्रों से हो सकी खरीदी शुरू, मात्र 70 किसानों से 692 क्विंटल उड़द खरीदी

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सागर Nov 12, 2018

समर्थन मूल्य पर चल रही उड़द की खरीदी अब तक जिले के सभी केंद्रों पर शुरू नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि 71 केंद्रों पर 20 अक्टूबर से खरीदी शुरू होना थी, लेकिन अभी तक महज 31 केंद्रों से ही खरीदी शुरू हो सकी है। यहां भी मात्र 70 किसानों से ही खरीदी हुई है। वह भी मात्र 692 क्विंटल।

जबकि अकेले उड़द की उपज बेचने के लिए जिले के करीब 83 हजार 101 किसानों ने पंजीयन कराया है। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते किसान अब परेशान होने लगे हैं। उनकी मजबूरी यही है कि बाजार में सही दाम नहीं मिल रहे हैं और समर्थन मूल्य के लिए बनाए गए खरीदी केंद्रों से खरीदी शुरू नहीं हो पा रही है। किसानों को अब यह डर भी सताने लगा है कि यही हाल रहा तो खरीदी प्रक्रिया ही बंद हो जाएगी और उनकी उपज ही वे बेच नहीं पाएंगे। इसके बाद मजबूरी में उन्हें कम दामों पर ही व्यापारियों को अपनी उपज बेचना होगी। गौरतलब है कि मूंग एवं उड़द की खरीदी 19 जनवरी तक चलेगी। 21 दिन का समय गुजर गया है, जबकि अब 70 दिन और शेष रह गए हैं।

सप्ताह में सिर्फ 5 दिन की खरीदी का प्रावधान

इस बार किसानों से खरीदी सप्ताह में सिर्फ 5 दिन यानी सोमवार से शुक्रवार तक ही होगी। शेष दो दिनों में खरीदी का परिवहन-भंडारण आदि का काम होगा। इसके बाद भी ये हाल हैं कि जिले के करीब 32 केंद्रों पर अभी खरीदी तक शुरू नहीं हो पाई है। जहां शुरू हुई भी है, वहां भी नाम मात्र को ही खरीदी हुई है। यदि ऐसे ही हाल चलते रहे तो जिले में कुल पंजीकृत किसान तो दूर उनके 10 फीसदी आंकड़े के किसानों से भी खरीदी नहीं हो पाएगी।

समर्थन मूल्य पर चल रही उड़द की खरीदी अब तक जिले के सभी केंद्रों पर शुरू नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि 71 केंद्रों पर 20 अक्टूबर से खरीदी शुरू होना थी, लेकिन अभी तक महज 31 केंद्रों से ही खरीदी शुरू हो सकी है। यहां भी मात्र 70 किसानों से ही खरीदी हुई है। वह भी मात्र 692 क्विंटल।

जबकि अकेले उड़द की उपज बेचने के लिए जिले के करीब 83 हजार 101 किसानों ने पंजीयन कराया है। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते किसान अब परेशान होने लगे हैं। उनकी मजबूरी यही है कि बाजार में सही दाम नहीं मिल रहे हैं और समर्थन मूल्य के लिए बनाए गए खरीदी केंद्रों से खरीदी शुरू नहीं हो पा रही है। किसानों को अब यह डर भी सताने लगा है कि यही हाल रहा तो खरीदी प्रक्रिया ही बंद हो जाएगी और उनकी उपज ही वे बेच नहीं पाएंगे। इसके बाद मजबूरी में उन्हें कम दामों पर ही व्यापारियों को अपनी उपज बेचना होगी। गौरतलब है कि मूंग एवं उड़द की खरीदी 19 जनवरी तक चलेगी। 21 दिन का समय गुजर गया है, जबकि अब 70 दिन और शेष रह गए हैं।

Ãसभी खरीदी केंद्रों पर तैयारियां कर ली गई हैं। किसानों को एसएमएस भी भेजे जा चुके हैं। अभी दीपावली के चलते किसान भी अपनी उपज लेकर केंद्रों पर नहीं आ रहे थे। पल्लेदार भी त्योहार में व्यस्त थे। इस सप्ताह हम शेष रहे सभी केंद्रों पर खरीदी शुरू कर लेंगे। अब तेजी से किसानों से उड़द की खरीदी की जाएगी। – राजेंद्र सिंह वाइकर, जिला आपूर्ति नियंत्रक, सागर

ये व्यवस्थाएं नहीं, इसलिए ठप है खरीदी

खरीदी केंद्रों पर पिछली बार सामने आई अनियमितताओं के बाद शासन ने गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत व्यवस्थाएं जुटाने के बाद ही खरीदी शुरू करने के निर्देश हैं। इनके मुताबिक केंद्रों में संस्था द्वारा बोरों में केंद्र के साथ किसान को आवंटित नंबर की स्लिप भी लगाई जाएगी, ताकि पहचान हो सके कि कौन सा उत्पाद किस किसान का है। बिना ऑनलाइन टोकन के उपार्जन न किया जाए। सूचना पटल, उपार्जन बैनर तथा सामान्य जानकारी एफएक्यू सैंपल, एफएक्यू गुणवत्ता का मापदंड, भुगतान एवं टोल-फ्री नंबर का प्रदर्शन किया जाना है। अधिकांश केंद्रों पर यह सुविधाएं नहीं हैं। इसी कारण खरीदी प्रक्रिया ठप है।

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