सात दिन से बंद सहकारी बैंक, 45 हजार ग्राहक नहीं कर पा रहे लेनदेन, इनमें से 17 हजार किसान

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सीहोर Nov 14, 2018

7 नवंबर दीपावली की रात में जिला सहकारी बैंक में बैटरी में शार्ट सर्कित होने के कारण आग लग गई थी। आग में बैंक के सभी उपकरण के साथ ही रिकार्ड भी जलकर नष्ट हो गया था। इस घटना के सात दिन बीत जाने के बाद भी बैंक का काम शुरू नहीं होने से बैंक के उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं।

अाग में बैंक में करीब 20 लाख रुपए का नुकसान होना बताया जा रहा है। इस समय किसानों की रबी की बोवनी चल रही है। वहीं अधिकांश किसानों के खाते जिला सहकारी बैंक में होने से उनके रुपए नहीं निकल पा रहे हैं। इस कारण वे समय से बोवनी नहीं कर पा रहे हैं। बैंक से करीब 17 हजार किसानों सहित कुल 45 हजार से अधिक उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। बैंक में प्रतिदिन करीब 1 करोड़ से अधिक का लेनदेन होता है। ऐसे में किसान और आम उपभोक्ता बैंक से लेनदेन नहीं होने से काफी परेशान नजर आ रहे हैं। बैंक कितने दिन बंद रहेगी, जिसका स्पष्ट जबाव बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के पास भी नहीं है।

भावांतर में उजप बेची, राशि नहीं मिल रही

बैंक बंद होने के कारण किसानों के सारे काम अटक गए हैं। किसान विक्रम यादव व शैलेंद्र चौहान ने बताया कि हमने भावांतर योजना के तहत मूंग की उपज बेची थी। इसका रुपए बैंक में आ चुका है, लेकिन हम रुपए नहीं निकाल पा रहे हैं। रुपए नहीं मिलने के कारण बीज नहीं रखीदा है।

उपकरण खरीदने में आचार संहिता आड़े आई

बैंक में आग की घटना से उपकरण जल चुके हैं। यहां नए उपकरण लगाने के लिए 7 से 10 लाख रुपए का खर्चा आ रहा है। आचार संहिता होने के कारण नए उपकरण खरीदने के लिए निर्वाचन आयोग की अनुमति लेना होना। इसके बाद ही नए उपकरण खरीदें जा सकेंगे।

अनुमति के बाद खरीदे जाएंगे उपकरण

जिला सहकारी बैंक के जीएम भूपेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि निर्वाचन आयोग को उपकरण खरीदी के लिए मेल भेज दिया है।

जैसे ही निर्वाचन आयोग की अनुमति मिलती है, उसके बाद हमें २ दिन का समय उपकरण खरीदने और उन्हें बैंक में फिट करने में लगेगा। इसके बाद बैंक का कामकाज शुरू हो पाएगा।

बैंक स्टाफ को भी अनुमति का इंतजार : जिला सहकारी बैंक में मैनेजर से लेकर सभी स्टाफ प्रतिदिन बैंक में आते हैं। जहां उन्होने बैंक में ताले डालकर नोटिस लगा दिया कि बैंक में आग की घटना के कारण लेनदेन अभी बंद है। बैंक स्टाफ को भी निर्वाचन आयोग की अनुमति का इंतजार है। ताकी जो किसान परेशान हो रहे हैं

रबी सीजन की बोवनी के लिए रुपए की जरूरत, किसानों को ज्यादा दिक्कत

अनुमति के बाद तत्काल शुरू होगा काम 

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