फसल का नकद पईसा मिले तो हमें सामान लेने आई जाएं में तो परेशानी नी होए

0
163

आष्टा Nov 23, 2018

हेमंत यादव : सरकार ने सभी काम अच्छे किए हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है लेकिन यहां के व्यापार चौपट हो चुके हैं। मंडी के अलावा यहां पर दूसरा कोई विकल्प नहीं है। जो भी नई सरकार बने उसे ऐसा कुछ करना चाहिए जिससे आष्टा में उद्योग धंधे बढ़ें जिससे लोगों को रोजगार मिल सके।

नवाब खां : आष्टा में इतना बड़ा अस्पताल तो बना दिया है, लेकिन उसमें डॉक्टर, लेडी डॉक्टर, नर्सें नहीं हैं। हर आदमी को रेफर। डॉ.दलोद्रिया, डॉ.चतुर्वेदी चले गए, लेकिन उनके जैसे अच्छे डॉक्टर नहीं आए। यहां डॉक्टरों की ज्यादा जरूरत है।

लीलाधर खत्री : सरकार भले ही गरीबों को फ्री में राशन बांटती हो, लेकिन मध्यम वर्ग को कुछ नहीं मिला। आज 955 रुपए का सिलेंडर कर दिया है। सब्सिडी आ रही नहीं आ रही कौन देख रहा है।

जाकिर अली : आष्टा में पानी की सबसे अधिक समस्या आ रही है। यहां पर तीन दिन छोडक़र नल चल रहे हैं। अभी यह हालत है तो गर्मी के दिनों में क्या हाल होंगे। यहां पर पानी लाने को लेकर प्रयास करना चाहिए।

मेहरबान सिंह ठाकुर : साब, हम गांव के किसान लोग हैं। हमारी फसल का हमें नकद पैसा मिले तो हमें सामान लेने आए जाए तो परेशानी नी होए। यह मेन समस्या है किसानों के साथ।

श्रीकिशन यादव : आष्टा में जो डॉक्टर थे या तो उनका तबादला हो गया है या फिर वे रिटायर हो गए हैं। अभी अस्पताल चले जाओ वहां डॉक्टरों की कुर्सी खाली हैं।

साब हमारी फसल को हमें नकद पईसा मिले तो हमें सामान लेने जाई में तो परेशानी नहीं होए। किसानों की यह मेन समस्या है। जो पईसा विकास में खर्च होनो थो वह भी बाले-बाले होय। नगर के बस स्टैंड पर भोपाल-इंदौर के बीच फोरलेन पर बने आष्टा विधानसभा क्षेत्र के बस स्टैंड पर कुछ लोग बैठकर चुनावी चर्चा में मशगूल थे। यहां स्वास्थ्य व बेरोजगारी प्रमुख मुददा है।

स्थान: भोपाल-इंदौर के बीच फोरलेन पर बना बस स्टैंड 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here