बारिश में कुलांस के उफान से 12 गावाें की फसल हुई थी बर्बाद, अब सूखी नदी, सिंचाई पर भी संकट

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सीहोर Nov 14, 2018

अगस्त माह में हुई बारिश के दौरान कुलांस नदी में उफान आ गया था। इससे आसपास के करीब 12 गांवों के किसानों के खेतों में पानी भर गया था। इससे सोयाबीन की फसल को काफी नुकसान हुआ था। कुलांस नदी की हालत अभी देखी जाए तो उसमें पानी ही नहीं है। ऐसे में इन किसानों के पास रबी सीजन की फसलों की सिंचाई के लिए संकट खड़ा हो गया है। नवंबर माह की शुरुआत में ही कलांस पूरी तरह सूख गई है। इससे किसानों को फसलों में सिंचाई की चिंता सताने लगी है।

अगस्त माह में 20 से 22 तक लगातार बारिश हुई थी। इससे जिला मुख्यालय से करीब 8 किमी की दूरी पर स्थित कुलांस नदी उफान पर थी। इस दौरान करीब 12 गांवों के किसानों की सोयाबीन की फसल पानी में बह गई थी। इस बारिश से हुए नुकसान के कारण किसानों ने विरोध प्रदर्शन कर सर्वे कराकर मुआवजा दिए जाने की मांग की थी। इसके बाद सर्वे किया गया। हालांकि इसकी बीमा राशि अभी नहीं मिल सकी है। उसी कुलांस नदी की अब हालत यह है कि उसमें पशुओं के पीने तक का पानी नहीं बचा है। ऐसे में आसपास के किसानों को काफी परेशानी होगी।

5 हजार हेक्टेयर की फसलें होगी प्रभावित

कुलांस नदी क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों के किसानों की 5 हजार हेक्टेयर के आसपास की खरीफ फसल खराब हो गई थी। अब रबी सीजन की बोवनी कर रहे किसानों के लिए पानी का संकट फिर से खड़ा हो गया है। रबी फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को कुलांस नदी से पानी नहीं मिल सकेगा। कुलांस नहीं में पानी नहीं होने के कारण अन्य जल स्त्रोत कुएं और बोर सहित अन्य साधनों में भी जलस्तर नीचे चला गया है। इससे किसान फसलों में पर्याप्त सिंचाई नहीं कर पाएंगे।

इन गांवों के किसानों हो रही दिक्कत : कुलांस नदी में पानी नहीं होने से ढाबला गांव, भोजनगर, कुलांस, उलझावन, बारबाखेड़ी, कलांसकलां, कुलांसखुर्द, सागोनी, रामाखेड़ी सहित अन्य गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी कुलांस नदी से नहीं मिल सकेगा। कलांस के किसान जीवन सिंह मेवाड़ा, रामविलास मेवाड़ा ने बताया कि कुलांस में पहले किसान एक सिंचाई कर लेते थे।

इतना पानी रहता था। इस बार सीहोर तहसील में अच्छी बारिश होने के बाद भी कुलांस में पानी नहीं बचा है। ऐसे में सिंचाई वाले कुएं, बोरों में भी पानी सूख जाएगा।

भोपाल के बड़े तालाब में जाता है कुलांस का पानी : जिला मुख्यालय से 8 किमी दूर कुलांस नदी का पानी भोपाल के बड़े तालाब में जाकर मिलता है। इस नदी के पानी से भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर भी बड़ता है। अभी हालत यह है कि इसमें पानी भी नहीं बचा है।

5 हजार हेक्टेयर की बोवनी हो सकती है प्रभावित, कुओं और बोर में भी पर्याप्त पानी नहीं

खेत तालाब का निर्माण किया गया है, उनसे होगी सिंचाई

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