सीहोर : सायलो में 8 हजार किसानों ने 3.7 लाख क्विंटल उपज बेची, चार में से एक डोम में 15 हजार क्विंटल की जगह

0
94

सीहोर May 06, 2019

सायलो खरीदी केंद्र के साथ ही मंडी में भी उपज की आवक कम हो गई है। सायलो खरीदी केंद्र पर क्षेत्र की 8 सोसायटियों के करीब 8 हजार किसानों ने तीन लाख 7 हजार क्विंटल गेहूं की उपज समर्थन मूल्य पर तौल कराई है। सायलो के चार डोम में फुल हो गए हैं। इसमें से केवल एक डोम में ही करीब 15 हजार क्विंटल उपज रखने की क्षमता बची है। इधर मंडी में भी पिछले दो सप्ताह से किसान कम ही पहुंच रहे हैं। पिछले माह की शुरूआत में आवक औसतन 18 हजार क्विंटल मंडी में रिकार्ड की गई। जबकि अब आवक औसतन 12 हजार क्विंटल आवक हो रही है।

8 सोसायटियों के करीब 8 हजार 500 किसान हैं। जिन्होंने अपनी उपज बेच दी है। समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के बाद किसानों को अब भुगतान की राशि के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के बाद 10 से 20 दिनों के अंतराल में उपज की राशि मिल रही है। इससे किसान बैंकों के चक्कर काट रहे हैं।

शादी विवाह के चलते बढ़ी व्यस्तता

शादी-विवाह का सीजन चल रहा है। इसके चलते मंडी और सायलो खरीदी केंद्र पर अपनी उपज लेकर किसान कम पहुंच रहे हैं। इसका असर मंडी और सायलो केंद्र पर जिस दिन खरीदी होती है दिखाई देता है। इसके अलावा सायलो खरीदी केंद्र पर लगभग अंतिम चरणों में खरीदी की जा रही है। सायलो के प्रबंधक मुकेश पटेल ने बताया कि लगभग सभी केंद्रों के किसानों ने अपनी उपज बेच दी है। जो बचे हैं वह भी शीघ्र उपज बेच देंगे। एक डोम में 15 हजार क्विंटल की जगह है। किसान भी बहुत कम हैं।

लक्ष्य से 7 हजार क्विंटल अधिक खरीदी

सायलो खरीदी केंद्र पर इस सीजन में 3 लाख क्विंटल उपज खरीदने का लक्ष्य रखा गया था। जबकि किसानों ने इस लक्ष्य से 7 हजार क्विंटल अधिक उपज बेच दी है। यदि 15 हजार से अधिक आवक सायलो केंद्र पर अब होती है तो उपज रखने की समस्या खड़ी हो सकती है। हालांकि प्रबंधन का कहना है कि 15 हजार से अधिक उपज किसान नहीं बेच सकेंगे। लगभग सभी किसानों ने उपज बेच दी है। जो बचे है वह बहुत कम किसान हैं।

धूप के असर का प्रभाव : मंडी व सायलो केंद्र के बार रोड पर किसान अपनी ट्रालियों की कतारे लगाकर खड़े रहते हैं। अधिक धूप के कारण दोनों जगहों पर किसान अपनी ट्रालियों की कतार लगाकर धूप में खड़े रहते हैं। इससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है।

किसानों को अब भुगतान की राशि के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

23 अप्रैल के बाद घटती गई मंडी में आवक

समर्थन मूल्य पर गेहूं आवक कम हुई तो वहीं मंडी में भी घटती जा रही है। पिछले दो सप्ताह में किसानों ने औसतन 12 हजार क्विंटल प्रतिदिन के हिसाब से अपनी उपज बेची है। इस संबंध में मंडी प्रबंधन का कहना है कि किसान समर्थन मूल्य व मंडी में पूर्व में उपज बेच चुके हैं। अब बहुत कम किसान मंडी पहुंच रहे हैं। इसका कारण किसान अभी खेतों की जुताई के साथ ही अन्य कार्य में जुटे हुए हैं।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here