अब तक किसानों के खातों में नहीं पहुंची भावांतर की राशि

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सीहोर Nov 14, 2019

क्षेत्र के किसानों ने कृषि उपज मंडी में अपनी उपज बेची थी, लेकिन उपज बेचने वाले किसानों के खातों में भावांतर योजना के तहत मिलने वाली राशि अभी तक उनके खातों में नहीं पहुंची है। इसके अलावा गेहूं की बिक्री पर मिलने वाली बोनस राशि का भी अभी तक पता नहीं है। किसान आए दिन बोनस व भावांतर की राशि की जानकारी लेने के लिए कृषि उपज मंडी व बैंकों के चक्कर लगाते देखे जा सकते हैं।

प्रदेश सरकार ने खेती को लाभ का धंधा बनाने व किसानों को उसकी उपज का सही दाम मिले इसके लिए एक साल पहले सोयाबीन के सीजन से भावांतर योजना शुरू की थी। किसानों ने भी इस योजना को किसानों के हित में बताया था, लेकिन कृषि उपज मंडी में उपज बेचने वाले कई किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। इस संबंध में किसान धीरज सिंह ने बताया कि मैंने पिछले वर्ष दिसंबर माह में कृषि उपज मंडी में सोयाबीन बेचा था, लेकिन अभी तक भावांतर की राशि अभी तक मेरे खाते तक में जमा नहीं हुई है। इसी तरह अप्रैल, मई 19 में सरकार ने किसानों से गेहूं की खरीदी की थी। उसके बदले में 160 रुपए बोनस के रूप में देने की बात कही थी। लेकिन बोनस की राशि भी किसानों के खातों में नहीं डाली गई। ऐसे ही प्याज खरीदी की राशि भी आज तक नहीं डाली गई है।

ऐसी अनेक किसानों की समस्या है। अब किसान भावांतर व बोनस व प्याज की राशि के लिए कृषि उपज मंडी व बैंकों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। मंडी सचिव सतीश मोहन पाराशर का कहना है कि भावांतर व बोनस व अन्य योजना की राशि डालने का काम शासन स्तर का है। यहां पर जो भी आवेदन किसानों द्वारा दिए थे उन्हें पूर्व में ही ऊपर भेजे जा चुके हंै।

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