पंजीयन कराया 9 क्विंटल का, मैसेज मिला सिर्फ 2 क्विंटल का

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श्योपुर Nov 21, 2018

समर्थन मूल्य पर खरीदी केन्द्र पर उड़द व तिल्ली की खरीदी की जा रही है, लेकिन किसानों के सामने इसमें भी समस्या खड़ी हो गई है। जिन किसानों के रकबे के मुताबिक पंजीयन कराया था, उस रकबे के अनुसार उन्हें मैसेज नहीं मिल रहा।

अगर उनके रकबे में 9 क्विंटल फसल है तो मैसेज सिर्फ 3 क्विंटल ही मिल रहा है। जिससे किसानों की एक बार फिर से फजीहत हो गई है, ऐसे में बची हुई फसल को किसान मंडी में सस्ते दामों पर बेच रहे है। पहले ही विभाग ने खरीदी देरी से शुरु की, रकबे का सत्यापन करने के बाद जब खरीदी शुरु भी हुई तो किसानों को तय रकबे के अनुसार मैसेज ही नहीं मिल रहे है।

किसान कमलेश गोस्वामी ने बताया कि उन्होंने तय रकबे के अनुसार मैसेज ही नहीं मिला, उन्होंने 7 बीघा का पंजीयन कराया था, लेकिन उन्हें मैसेज कम का मिला। उनके पास में 9 क्विंटल के करीब उड़द है, लेकिन केन्द्र पर सिर्फ 3 क्विंटल ही खरीदी गई। रकबे में हो रही गड़बड़ी का खामियाजा यहां किसानों को भुगतना पड़ रहा है। जिसके बाद किसान मंडी में सस्ते दामों पर अपनी उड़द की फसलों को बेचने पर मजबूर बने हुए है। इसी तरह अन्य किसानों को भी तय रकबे के अनुसार मैसेज नहीं मिल रहे है।

किसान राधेश्याम मीणा के पास भी 15 क्विंटल उड़द की फसल है, लेकिन उन्हें मैसेज सिर्फ 6 क्विंटल का ही मिला। जिससे उन्हें भी सस्ते दाम पर मंडी में फसल बेचनी पड़ी।

रिजेक्ट हो रही फसल, किसान बोले- पहले ही बेच देते तो ठीक था

खरीदी केन्द्र पर किसानों के साथ सिर्फ कम फसल के ही मैसेज नहीं आ रहे है, बल्कि खरीदी के नियम भी आड़े आ रहे है। जिसमें मंडी में लगे खरीदी केन्द्र पर आई फसल की ट्रॉलियों में 70 फीसदी फसल के सैंपल मापदंड पर खरा नहीं उतरने के कारण रिजेक्ट कर दिए। इसके बाद किसानों का कहना है कि जब खरीदी नहीं करनी थी तो इतना इंतजार क्यों कराया, वह फसल पहले ही बेच देते तो ठीक था। इससे उनका भी समय बचता और रुपए भी जल्द मिल जाते। जिससे वह आगे की फसल की तैयार कर सकते थे। सैंपल फेल होने से किसानों में भारी नाराजगी बनी हुई है।

तीन दिन बंद रहेगी मंडी

कृषि उपज मंडी तीन दिन बंद रहेगी, इसका कारण निर्वाचन। मंडी कर्मचारियों की ड्यूटी भी निर्वाचन में लगी है। इसे लेकर 27, 28 और 29 नवंबर को मंडी में उपज की खरीदी नहीं की जाएगी। इससे किसानों की फजीहत हो जाएगी, उन्हें तीन दिन तक अपनी फसल बेचने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। मंडी बंद होने के साथ ही खरीदी का काम भी 28 नवंबर को मतदान वाले दिन प्रभावित रहेगा।

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