खेतों में बिना परमिशन ट्रांसफार्मर और ट्यूबवेल में तय भार से ज्यादा हॉर्सपावर की मोटर चलने से वोल्टेज का संकट

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कराहल Nov 10, 2018

बिजली आधारित खेती करने वाले कराहल क्षेत्र में खेतों में बिना परमिशन ट्रांसफार्मर एवं ट्यूबवेल में ज्यादा हार्सपावर की मोटर चलाने से लाइनों पर ट्रिपिंग और लॉ वोल्टेज का संकट बढ़ गया है। 10 गांव में लॉ वोल्टेज की समस्या को लेकर ग्रामीण बिजली दफ्तर पर चक्कर काट रहे हैं। फीडर पर कनेक्शनों के लगातार बढ़ते लोड के कारण इलाके में कम वोल्टेज की समस्या को देखते हुए बिजली वितरण कंपनी ने कृषि कनेक्शनों की मोटरों का भार चेक करने के लिए अभियान चलाने की तैयारी कर ली है। कंपनी की ओर से कृषि कनेक्शनों का भार जांचने की मुहिम इसी माह 20 नवंबर तक शुरू हो सकती है।

कराहल ब्लॉक में ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोडिंग के चलते कम वोल्टेज की शिकायत लगातार मिल रही है। ब्लॉक में चालू रबी सीजन मेंं किसान 16हजार 200 हेक्टेयर में सरसों, गेहूं, चना की बोवनी के लिए किसानों को बिजली की दरकार है। लेकिन कृषि क्षेत्र को शैड्यूल के अनुसार 10 घंटे बिजली नहीं मिल रही है। कम वोल्टेज के कारण पलेवा नहीं होने से आक्रोशित सैकड़ों किसान कराहल मुख्यालय पर प्रदर्शन कर चुके हैं। कम वोल्टेज और लाइन फाल्ट की शिकायतें बिजली कंपनी को लगातार मिल रही है। बिजली अफसरों का मानना है कि ट्यूबवेल से ज्यादा पानी खींचने के लिए कई किसान तय मापदंड से अधिक हॉर्स पॉवर की मोटर चलाते हैं। ऐसे में लोड बढऩे से लॉ वोल्टेज की समस्या आ रही है। लाइन फाल्ट होने और ट्रांसफार्मर जलने की वजह भी ओवरलोडिंग बनती है। इसी समस्या को देखते हुए बिजली वितरण कंपनी ने इलाके में अभियान चलाकर अवैध कृषि कनेक्शनों की पहचान और तय मापदंड से अधिक भार की मोटर की जांच की जाएगी। इसमें बिना परमीशन ट्रांसफार्मर लगाने ,अधिक हॉर्स पावर की मोटर चलाने वाले कृषि पंप कनेक्शनधारी किसानों पर पैनाल्टी की कार्रवाई की जाएगी।

10 गांव में कम वोल्टेज से रबी फसल की बोवनी प्रभावित

ग्रामीण क्षेत्र में 24 घंटे में चार घंटे भी पर्याप्त वोल्टेज पर बिजली नहीं मिलने से परेशान दस गांव के किसान बिजली दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। आफिस में जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिलते हैं। निमोनिया, सेमरा, बांकुरी, मेहरबानी, ऊधमपुरा, कानरखेडा, घोंटीपुरा, चक, पारोन, बंदरहार, सोनीपुरा के किसानों ने बताया कि 24 घंटे में बमुश्किल 4 घंटे बिजली आती है। इसमें भी वोल्टेज इतने कम रहते हैं कि ट्यूबवेल की मोटर नहीं चलती है। घरों में टेलीविजन भी काम नहीं करते हैं। मौजूदा बिजली संकट के चलतेरबी फसलों की बोवनी का काम प्रभावित हो रहा है।

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