भावांतर घोटाला : जांच में भ्रष्टाचार उजागर मंडी सचिव सहित सात लोगों पर होगा केस

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शिवपुरी | Oct 04, 2018

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के तहत अधिसूचित कृषि उपज मंडी शिवपुरी में प्याज एवं लहसुन खरीद-फरोख्त की शिकायत की जांच में बड़ा घोटाला सामने आया है। अपर कलेक्टर के नेतृत्व में छह सदस्यीय दल की जांच पूरी हो गई है। जांच में दोषी शिवपुरी मंडी सचिव सहित सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश कलेक्टर शिल्पा गुप्ता ने जारी किए हैं।

मंडी सचिव शिवपुरी रविन्द्र शर्मा, लाइसेंस प्रभारी जायसवाल, मंडी निरीक्षक प्रांगण प्रभारी राजकुमार शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक मनोज आर्य, सहायक उपनिरीक्षक भगवान दास भिलवार, सहायक उपनिरीक्षक सहायक वर्ग तीन ब्रजेश शर्मा एवं सहायक उपनिरीक्षक राकेश गुप्ता सहित योजना में अन्य अज्ञात मंडी अधिकारी एवं कर्मचारी तथा अज्ञात व्यापारियों व अज्ञात किसानों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए है। सहायक संचालक उद्यानिकी शिवपुरी द्वारा एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

जांच दल ने इन तथ्यों के आधार पर पकड़ा फर्जीवाड़ा

जांच में सामने आया कि ऐसे किसान जिनके द्वारा प्याज एवं लहसुन की फसल पंजीयन में उल्लेखित सर्वे नंबरों पर बोई नहीं थी। लेकिन मंडी रिकार्ड अनुसार बेचना पाया है। दल को जांच के दौरान ऐसी फर्म भी मिली जिनके द्वारा लाइसेंस के वक्त गोदाम भंडारण का दिए गए पते पर गोदाम नहीं मिला, बल्कि आवासीय भवन मिले हैं। फर्मों द्वारा खरीदी एवं विक्रय किए गए प्याज एवं लहसुन में भी हजारों क्विंटल का अंतर मिला। जांच में सामने आया कि जिला शाजापुर एवं राजगढ़ मंडी के किसानों ने भी शिवपुरी मंडी आकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से प्याज एवं लहसुन बेचा है। जबकि शिवपुरी से इनकी दूरी लगभग 200 से 280 किमी परिवहन कर लाना संभव नहीं है।

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