पाले से टमाटर की फसल में 20% नुकसान अन्य फसलों पर भी पड़ रहा मौसम का असर

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शिवपुरी Dec 26, 2019

उद्यान विभाग के सहायक संचालक एके राजपूत ने बताया कि अभी जिले में पाले का विशेष असर नहीं है, लेकिन आंशिक रूप से इससे सब्जियों वाली फसल में नुकसान की सूचना मिल रही है। टमाटर की फसल में पाले का अधिक असर होता है। इसमें भी पाले से सबसे अधिक नुकसान उन खेतों में होता है जिनमें काफी दिन से सिंचाई नहीं की। बुधवार को पोहरी व बैराड़ के किसान ने भी टमाटर आदि सब्जियों की फसल में पाले से खराबा होना बताया है। पाले से सबसे अधिक नुकसान टमाटर की फसल में होता है। टमाटर की खेती पोहरी, बैराड़, नरवर, खनियांधाना, शिवपुरी, सहित अन्या ब्लॉकों में होती है।

पाले की चपेट में आई फसलें

जिले में पाला गिरने से हजारों किसानों की 20 प्रतिशत से अधिक टमाटर की फसल खराब हो गई। इनके अलावा नुकसान मिर्च, टमाटर, खीरा, करेला समेत पपीता के पौधों को भी हुआ है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट हो गया है। पोहरी क्षेत्र किसानों ने आधुनिक नवाचार तकनीक से लगाई गई करीब 200 से अधिक हेक्टेयर में टमाटर की फसल पाले के प्रकोप में आने से करीब फीसदी फसल खराब हो गई है। कृषि एसएडीओ आरके राठौर ने किसानों को फसलों को पाले से बचाने के लिए एक लीटर गंधक के तनु अम्ल का 1000 लीटर पानी में घोल बना कर छिड़काव करने या खेत में धुंआ करने या फिर सिंचाई करने की सलाह दी है। मौसम में बदलाव के चलते अभी कुछ दिन और पाला पड़ने की संभावना है। किसानों को फसल को पाले से बचाने के लिए आवश्यक उपाय करने आदि की जानकारी दी गई है।

इन गांवों में हुआ पाले से नुकसान

जिले में पोहरी, बैराड़ के अलावा अन्य ब्लॉकों के आधा सैकड़ा गांवों में पाले ने टमाटर की फसल प्रभावित की है, लेकिन अधिकारी सूचना से अभी अनविज्ञ बने हुए है। उनका कहना है कि अभी बड़े स्तर पर नुकसान नहीं हुआ है। टमाटर में कम पाला पड़ने से भी फसल को नुकसान पहुंच जाता है। पाले से बचाव के लिए किसान परंपरागत रूप से फसल के पास धुआं करें तथा उद्यान पर्यवेक्षक से सलाह लेकर आवश्यक दवा का छिड़काव करने की बात कही है।

टमाटर बर्बाद हो जाएगा


फसलों का जायजा लेंगे

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