व्यापारी मुख्य मार्गों पर ही खरीद लेते हैं उपज, मंडी तक नहीं पहुंच पा रहे किसान

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शिवपुरी Oct 21, 2018

पोहरी रोड पर किसानों की उपज खरीदते व्यापारी।

साॅफ्टवेयर में खामी, पहले दिन सोयाबीन की भावांतर योजना में नहीं हुई खरीदी

भावांतर योजना के तहत शिवपुरी मंडी में पहले दिन शनिवार को किसानों की उपज नहीं खरीदी जा सकी। सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामी की वजह से ऑनलाइन गेटपास जारी नहीं हो पाए। मंडी में उपज लेकर आए किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा। अब रविवार अवकाश के बाद सोमवार से सोयाबीन की खरीदी प्रारंभ हो सकेगी। बता दें कि सोयाबीन उपज पर पंजीकृत किसान व्यापारियों को अपनी उपज जिस दाम में बेचेंगे, सरकार प्रति क्विंटल 500 रुपए अतिरिक्त मूल्य किसानों को जारी करेगी। यानी मंडी में किसी भी दाम में सोयाबीन बिके, उससे 500 रुपए बढ़कर भावांतर मूल्य का भुगतान सरकार किसानों के खाते में भेजेगी।

10 से 15 हजार जुर्माना वसूला

मुख्य मार्गों पर इस तरह होती मिली खरीदी

1. लाइसेंस नहीं, फिर भी पूरी ट्रॉली का सोयाबीन तौल लिया

पोहरी रोड पर बस स्टैंड से ठीक पहले दुकान पर किसान की ट्रॉली का सारा सोयाबीन तौल लिया। पूछने पर दुकानदार ने अपना नाम मनोज राठौर बताया। लाइसेंस होने की बात कही तो फर्म का नाम नहीं बता सका। फिर कहा कि लाइसेंस बनने के लिए मंडी में डला है। दुकान पर दो या चार बोरियां अनाज खरीदने की बात कही।

2. दो ट्रॉली से ज्यादा सोयाबीन तिरपाल से ढंककर रखा

पोहरी रोड पर ही सेंट चार्ल्स स्कूल से आगे मोड किनारे मकान में दुकान खोलकर लोडिंग वाहन से सोयाबीन तुलवाया जा रहा था। सड़क किनारे दो ट्रॉली से ज्यादा सोयाबीन तिरपाल से ढककर रखा। मजदूरों ने बताया कि पूरन उर्फ गट्‌टा राठौर की यह दुकान है। दुकान के अंदर मूंगफली व अन्य उपज भरी हुई मिली।

3. आरोप लगाया- मंडी में किसानों का शोषण होता है

सेंट चार्ल्स स्कूल के पास पोहरी रोड पर दुकान खोलकर रघुवर राठौर द्वारा किसानों की उपज खरीदी जा रही है। रघुवर कहने लगे कि मंडी में तो किसानों का शोषण हो रहा है। हम किसानों को मंडी से बेहतर दाम देकर उपज खरीद रहे हैं।

4. साेयाबीन खरीद रहा व्यापारी बोला- सब सेटलमेंट हो जाता है

टोंगरा रोड पर रातौर मार्ग से ठीक पहले दुकान बनाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से अन्ना राठौर सोयाबीन खरीद रहे हैं। अन्ना ने कहा कि बड़े-बड़े लोग सेटलमेंट कर लेते हैं। पोहरी बस स्टैंड के पास उनका भाई मदन को सब पता है। मंडी वालों का नाम न लेते हुए कहा कि एक मेटाडोर पर बोरियों के हिसाब से व्यवस्था कर देते हैं।

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