मुनाफा अधिक होने से पारंपरिक खेती छोड़ नकद फसलों की ओर बढ़ा रुझान, सुभाषपुरा गांव में 50 से अधिक किसानों ने की मिर्ची की फसल

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शिवपुरी Oct 27, 2018

जिले के सुभाषपुरा क्षेत्र में 10 से अधिक गांवों में मिर्ची व टमाटर जैसी नकदी फसलों की खेती की ओर किसानों का रुझान बढ़ा है। सुभाषपुरा गांव में 50 से अधिक किसानों ने परंपरागत फसल छोड़कर मिर्ची की खेती की, जो परंपरागत खेती की अपेक्षा मुनाफा अधिक दे रही है।

किसानों का कहना है कि उन्होंने खरीफ के मौसम में बारिश के पानी से होने वाली अन्य फसलों की अपेक्षा इन नकदी फसलों की खेती करने का मन बनाया है। यही वजह है कि वे कम पानी और कम लागत में ज्यादा लाभ देने वाली टमाटर तथा मिर्च जैसी नकदी फसलों की खेती में ज्यादा रुचि ले रहे हैं। गांव में अाधुनिक तरीके से मिर्ची कर किसानों ने अच्छा मुनाफा कमाया है। इस कारण अन्य किसानों में भी रुझान बढ़ा है।

सुभाषपुरा में मिर्ची की खेती करते किसान।

किसान बोले- मूंग-उड़द में नुकसान हुआ, लेकिन मिर्ची की फसल ने कर दी भरपाई

200 हेक्टेयर में बोए मिर्ची के बीज, रोग भी लगा फिर भी हुआ अच्छा मुनाफा

खरीफ की अन्य फसलों की तुलना में कम पूंजी और कम पानी में ज्यादा लाभ मिलने के कारण किसान अब टमाटर और मिर्च की खेती को फायदे का सौदा मान रहे हैं। इस बार सुभाषपुरा कस्बे के किसानों ने करीब 200 हेक्टेयर भूमि में बाजार में उपलब्ध बेहतर किस्म की मिर्ची के बीज बोए। हालांकि बाद में पौधों को सूखा, इल्ली एवं मच्छर की मार से बचाने के लिए ग्लूकोज सायपर मेथोन और कोराजिन जैसी महंगी दवाईयों का प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद भी दोनों ही फसलों के अच्छे भाव मिलने से किसानों को अच्छा मुनाफा हुआ है।

सोयाबीन और मूंगफली की परंपरागत खेती से नुकसान हुआ, तब बदला रुख

किसानों का कहना है कि सोयाबीन, मूंगफली के फसलों में भी पूंजी ज्यादा लगती है और पर्याप्त बारिश न होने से इन फसलों को भारी नुकसान भी होता है। पिछले कुछ सालों से क्षेत्र के किसान इन फसलों के बर्बाद होने की पीड़ा झेलते चले आ रहे हैं। स्वाभाविक है कि क्षेत्र के किसानों ने इस बार सब्जी की खेती करने का मन बनाया, जिसका उन्हें लाभ हुआ है। अब क्षेत्र के अधिकांश किसान टमाटर और मिर्ची की खेती करने का मन बना रहे हैं।

बेमौसम बारिश से इस बार 80 फीसदी फसल खराब, मिर्ची से हुआ फायदा

क्षेत्र में किसानों द्वारा की गई मूंग व उड़द की खेती को को इस बार हुई बेमौसम बारिश से नुकसान हुआ और करीब 80 फीसदी फसल खराब हो गई जबकि टमाटर व मिर्ची को ज्यादा कोई नुकसान नहीं हुआ है। इसलिए किसानों को खरीफ की फसल की बर्बादी से हुए नुकसान की भरपाई मिर्ची की फसल कर रही है। किसान लक्ष्मण का कहना है कि कम लागत और अल्प वर्षा के बाद भी क्षेत्र में मिर्ची की फसल अच्छी हुई है। इसलिए अब वे नगदी फसल ही करेंगे।

मिर्ची की फसल नहीं करते तो हम कहीं के न रहते


मिर्ची में अधिक लाभ हो रहा इसलिए रुचि ले रहे किसान 

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