100 किसानों को पांच-पांच बोरी यूरिया दी भीड़ बढ़ी तो 2-2, फिर 1-1 बोरी बांटा

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उज्जैन Nov 18, 2018

किसानों को यूरिया आसानी सेे नहीं मिल रहा है। दीपावली के पहले से मंडी परिसर और खाद वितरण केंद्रों पर लंबी कतारें लग रही हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। शनिवार को कृषि उपज मंडी परिसर में यूरिया का वितरण कलेक्टर मनीष सिंह की निगरानी में हुआ। मंडी परिसर में 604 बोरी यूरिया आई थी। किसानों की संख्या ज्यादा होने से पहले 100 किसानों को 5-5 बोरी यूरिया के टोकन दिए गए। इसके बाद किसानों को 2-2 बोरी यूरिया मिला लेकिन आखिर तक किसानों की संख्या कम नहीं हुई तो इसेे घटाकर 1-1 बोरी कर दिया। घंटों कतार में लगने के बाद किसानों को 1-1 बोरी लेकर लौटना पड़ा। कलेक्टर शनिवार को चिमनगंज मंडी में स्थित इफ्को खाद विक्रय केंद्र का निरीक्षण करने गए थे। इस विक्रय केंद्र से किसानों को खाद के टोकन वितरित किए। कलेक्टर ने किसानों से पूछा उन्हें किसी तरह की समस्या तो नहीं आ रही है। किसानों ने कहा खाद की बोरी कम मिल रही है। कलेक्टर मंडी प्रांगण में ट्रक से उतारी जा रही खाद की बोरियों के पास गए और बोरियों की पैकिंग चैक की। इस दौरान डीडीए सीएल केवड़ा, मार्कफेड, कृभको और इफ्को के अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को खाद वितरण में परेशानी न हो। इसके अलावा सरकार ने खाद के लिए दर निर्धारित की है। यदि कोई व्यक्ति या कारोबारी दर से अधिक में खाद का बेचता है तो उस पर ईसीएल के तहत कार्रवाई की जाए। सरकार ने रबी सीजन के लिए नीम कोटेड यूरिया की 45 किलो की एक बोरी के लिए 266.50 रुपए और 50 किलो की एक बोरी के लिए 295 रुपए का मूल्य तय किया है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि कोई नीम कोटेड यूरिया इससे ज्यादा में बेचता है तो इसकी शिकायत संबंधित कृषि विस्तार अधिकारी से करें।

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