धान के दाम और समय पर खरीदी नहीं होने पर किसानों का चक्काजाम, 3 घंटे बंद रही नीलामी

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विदिशा| Nov 16, 2018

धान की खरीदी को लेकर इस साल भी विवाद की स्थिति बन रही है। धान के रेट और समय पर खरीदी न होने से नाराज किसानों ने गुरुवार को मिर्जापुर की नई मंडी खासा हंगामा किया। सैकड़ों किसानों की भीड़ ने हाईवे पर आकर चक्काजाम तक कर दिया। करीब आधा घंटे तक किसान डटे रहे। इससे हाईवे पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। किसानों ने इतना आक्रोश था कि वे नायब तहसीलदार के समझाने से भी नहीं माने। किसान मौके पर एसडीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। प

्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों की धान की समय पर खरीदी कराने का आश्वासन दिया। काफी समझाइश के बाद जाकर किसानों ने चक्काजाम बहाल किया। इस दौरान करीब 3 घंटे तक नीलामी बंद रही । नई कृषि उपज मंडी में भारी मात्रा में धान की आवक हो रही है। जबकि मंडी में धान की खरीदी करने वाले व्यापारी सीमित हैं। ऐसी स्थिति में अव्यवस्था के हालात बन रहे हैं। गुरुवार को मंडी में रोज की तुलना में ज्यादा आवक रही।

करीब 15 हजार बोरी धान की आवक होने से व्यापारी अपनी क्षमता से माल खरीदने से बचते नजर आए। इससे नाराज होकर किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। पहले तो मंडी के अंदर किसान विरोध कर हंगामा करते रहे। इसके बाद मंडी के बाहर हाईवे पर प्रदर्शन करने जा पहुंचे। सुबह 11.30 बजे से 12.30 बजे तक जहां किसानों का विवाद चला।

एक दिन पहले ही मंडी में किसान का धान के दाम को लेकर व्यापारी से हुआ था विवाद उस व्यापारी ने आज नीलामी में नहीं लिया हिस्सा, किसानों ने पहले परिसर में किया हंगामा

िमर्जापुर रोड पर नवीन गल्ला मंडी में किसानों को धान की उचित मूल्य ना मिलने एवं आने वाली सुविधाओं के कारण आक्रोश में आकर हाईवे किया जाम पुलिसकर्मियों ने पहुंचकर हटाया किसानों को ।

भास्कर पड़ताल: धान के दाम में 200 रुपए की गिरावट होने पर नाराजगी

एक दिन पहले मंडी में एक किसान का धान की दर को लेकर एक व्यापारी विवाद हुआ था। इस विवाद को मंडी प्रबंधन ने गंभीरता से नहीं लिया। इससे उक्त व्यापारी ने गुरुवार को खरीदी में हिस्सा नहीं लिया। धान के मुख्य खरीदार व्यापारी के अभाव में गुरुवार की सुबह नीलामी शुरू होने के बाद मंडी में बड़ी संख्या में आए किसानों की उपज की व्यवस्थित खरीदी नहीं हो पाई। इसके अलावा धान के भाव में भी 200 रुपए की गिरावट होने से किसान नाराज हो गए और उन्होंने चक्काजाम शुरू कर दिया। मुख्य खरीदार व्यापारी के आने पर दोपहर 2.30 बजे से नीलामी सुचारू रूप से शुरू हो सकी थी।

नाकाफी व्यापारी, नर्मदा कंपनी से मंडी में खरीदी के लिए हो रही है बातचीत

विदिशा मंडी में धान की आवक की तुलना में नाकाफी व्यापारी हैं। इससे किसानों को धान बेचने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति में धान की पर्याप्त खरीदी की व्यवस्था को लेकर मंडी समिति ने भी इस प्रयास शुरू कर दिए है। मंडी सचिव कमल बगवईया ने बताया कि विदिशा कृषि उपज मंडी में धान की खरीदी करने वालों में एक भी राइस मिल कंपनी ने अभी तक हिस्सा नहीं लिया है। धान की पर्याप्त खरीदी के लिए नर्मदा कंपनी से चर्चा की है। उम्मीद है कि लाइसेंस ले चुकी नर्मदा कंपनी के प्रतिनिधि सोमवार से मंडी में खरीदी कर सकते हैं।

मंडी बोर्ड को अधिक खरीदी वाली मंडियों के लिए बड़ी फर्मों से करना चाहिए संपर्क

रायसेन, भोपाल से आ रहे किसान, 70 % बाहरी धान

मंडी में कई किसान ऐसे मिले जो रायसेन और भोपाल जिले के विभिन्न गांवों से आए हुए थे। विदिशा कृषि उपज मंडी सचिव कमल बगवईया के मुताबिक विदिशा मंडी में करीब 70 फीसदी धान आ रही है। किसानों द्वारा माल विदिशा मंडी में आ रहा है।

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