गंजबासौदा : पूर्वी मंडी गेट के पास गोदाम में आग लगने से लाखों रुपए का बारदाना जलकर राख

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गंजबासौदा May 02, 2019

बुधवार सुबह करीब 11.30 बजे कृषि मंडी के पूर्वी गेट के समीप गोदाम में बिजली के शार्ट सर्किट से लगी आग के कारण लाखों रुपए का बारदाना जल गया। आग की सूचना मिलने पर नपा की तीन दमकल मौके पर पहुंची। उसके बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तीन घंटे बाद भी भीगे बारदाना के बीच आग की धधक देखने को मिलती रही।

यह गोदाम अनाज व्यापारी किर्ती शाह का है। लेकिन उन्होंने गोदाम को बारदाना व्यापारी रमेश लोधी को किराए पर दे रखा था। जिस समय घटना हुई उस दौरान गोदाम बंद थी। लेकिन जब गोदाम के वेंटीलेटरों से धुएं के गुबार निकलते लोगों ने देखे तो आग का पता चला। उसके बाद लोग आग बुझाने में जुटे। इस गोदाम में नया पुराना दोनों तरह का बारदाना रखा था। समय पर आग बुझ जाने से बड़ी घटना बच गई।

बारदाना की मरम्मत का होता था काम

वार्ड क्रमांक 12 स्थित इस गोदाम में पुराना बारदाना मरम्मत किया जाता था। इसमें बारदाना को रफू करने और उसकी सिलाई करने मशीन भी लगी था। इन दिनों रबी का सीजन होने के कारण बारदाना की खासी डिमांड मंडी में और किसानों के मध्य रहती है। इससे वहां पुराने बारदाने का बड़ी तादाद में स्टाक था। एक मई को मजदूर दिवस होने के कारण काम बंद था। इससे वहां कोई नहीं था। कारोबारी रमेश लोधी ने बताया संभवता आग बिजली के शार्ट सर्किट से ही लगी है।

3 दमकलों ने बुझाई आग, समय पर आग बुझ जाने से बड़ी घटना बच गई, घटना के समय गोदाम बंद था, वेंटीलेटर से देखा था धुएं का गुबार

10 मई 2013 में भी लगी भीषण आग

इसी वार्ड के चक्क स्वरुप नगर स्थित मोदीगनी के बारदाना बनाने वाले कारखाने में 10 मई 2013 को सुबह आग की लगने से अफरातफरी मच गई थी। हवा के साथ आग बेकाबू होती देख तत्कालीन एसडीएम ओपी श्रीवास्तव और एसडीओपी गोपालसिंह धाकड़ को सिरोंज, कुरवाई, शमशाबाद, विदिशा और बीना रिफायनरी से फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ा था। आग की विकरालता को देखकर कारखाने के आसपास के अन्य गोदामों को खाली कराया गया।था। आग से करीब 5 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ था। आग दस दिन तक सुलगती रही थी।

60 लाख की औषधि और 6 लाख का गुटखा भी राख

बारदाना गोदाम के पास ही ललितपुर के सुधीर जैन का औषधि गोदाम था। इसमें 60 लाख की औषध और 6 लाख के प्रतिबंधित राजश्री गुटखे रखे हुए थे। वह भी आग की चपेट में आने से खाक हो गए। आग पर जैसे-जैसे पानी डालने का प्रयास होता था। विकराल होती जाती थी । इससे प्रशासन के अधिकारी भी घबरा गए थे। बीना रिफायनरी से 2 फायर ब्रिगेड बुलाई गई। तब कहीं आग कंट्रोल में आई थी।

पाबंदी का असर नहीं

आगजनी की घटना के बाद तत्कालीन एसडीएम ने बस्ती के बीच बारदाना गोदाम व कारखाना चलाने पर पाबंदी लगा दी थी। सभी बारदाना व्यापारियों को बस्ती से बाहर काम काज करने के नोटिस दिए थे। लेकिन इसके बाद भी बस्ती के बीच बारदाना गोदाम व कारखाना चल रहे हैं। इससे बड़े हादसे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि किसी भी व्यापारी ने लगातार होने वाली आग की घटनाओं से सबक नहीं लिया। किसी के पास अग्नि शमकयंत्र नहीं है। न आग बुझाने के साधन। आगजनी की अब तक एक दर्जन से ज्यादा बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं।

बारदाना व्यापारियों को करेंगे शहर से बाहर 

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