किसान करने वाले थे चक्काजाम, इससे पहले ही पहुंचे एसडीएम ने एक दुकान से यूरिया मंगवाकर बंटवाया

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विदिशा Dec 18, 2019

यूरिया के लिए मंगलवार को क्षेत्र के किसान एक बार फिर परेशान हुए। सुबह से ही किसानों की भीड़ मार्कफेड गोदाम पर लग गई थी, लेकिन उन्हें यूरिया नहीं मिल पा रहा था। किसानों ने एकत्रित होकर चक्काजाम करने की योजना बनाई। इसी बीच एसडीएम मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाइश दी। इसके बाद प्राइवेट दुकान का यूरिया यहां से बंटवाया गया।

क्षेत्र में यूरिया संकट का निदान नहीं हो पा रहा है। दो दिन के इंतजार के बाद सोमवार को मार्कफेड गोदाम पर जब यूरिया आया तो रात 10 बजे तक उसका वितरण हुआ। इसके बाद मंगलवार को एक बार फिर सुबह 5 बजे से गोदाम के बाहर किसानों की कतार लग गई। उन्हें उम्मीद थी कि ग्यारह बजे से यूरिया वितरण शुरू हो जाएगा। जब ग्यारह बजे भी यहां से यूरिया वितरण शुरू नहीं हुआ तो किसान बेचने हो गए। उन्हें समझाने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी भी मौके पर नहीं था। गोदाम के बाहर पांच सौ से ज्यादा किसान जमा थे। वे चक्काजाम की योजना बनाने लगेे। इसी बीच कांग्रेस नेता नरेन्द्र पाटीदार भी पहुंचे। उन्होंने किसानों की परेशानी को समझते हुए एसडीएम संजय जैन को इस संबंध में जानकारी दी। एसडीएम तुरंत मौके पर पहुंचे। उनके साथ कृषि विभाग एएसडीओ आशीष आर्य और मार्कफेड गोदाम प्रभारी आके रैकवार भी मौजूद थे।

किसान बोले- समझ नहीं आ रहा सरकार कर क्या रही है: किसान रामस्वरूप कुशवाह ने बताया कि वे सुबह 5 बजे ही गोदाम पर आ गए थे। सोचा था कि यूरिया जल्दी मिल जाएगा, लेकिन यहां पर दोपहर साढ़े 12 बजे तक यूरिया वितरण ही शुरू नहीं हो सका था। ट्रक आने के बाद कतार बहुत लंबी लगी थी। यूरिया लेने आए किसान अंसार मियां ने बताया कि एक महीने से क्षेत्र के किसान परेशान हो रहे हैं। इसके बाद भी यूरिया की व्यवस्था नहीं हो पा रही। समझ नहीं आ रहा सरकार क्या कर रही है।

सिर्फ दो-दो बोरी यूरिया मिलने को लेकर किसानों में नाराजगी, कहा- इससे नहीं होगी पूर्ति

यूरिया गाेदाम के बाहर मंगलवार को दिनभर किसानाें की लंबी कतार लगी रही।

एसडीएम ने एक दुकान में जा रहे खाद से भरे ट्रक को बुलाकर बंटवाया यूरिया

किसानों ने अपनी समस्या से एसडीएम को अवगत कराया। एसडीएम ने उन्हें धैर्य रखने की बात कहते हुए जल्द ही यूरिया की व्यवस्था करने की जानकारी दी। इसी बीच उन्होंने नगर की प्राइवेट दुकानों की स्थिति जांच की तो पता चला कि एक दुकान पर यूरिया का ट्रक आया है। उन्होंने यूरिया के इस ट्रक को गोदाम पर ही लाने के निर्देश दिए। जिसके चलते अमित ट्रेडिंग कंपनी पर आया ट्रक सीधे गोदाम पर पहुंच गया। इसके बाद गोदाम से कंपनी के कर्मचारियों द्वारा ही यूरिया का वितरण किया गया। हालांकि इस दौरान उन्हें सिर्फ दो-दो बोरिया यूरिया ही प्रदान किया गया। जिसको लेकर किसानों में नाराजगी दिखाई दी।

सोसायटियों से जुड़े किसान हो रहे हैं परेशान

क्षेत्र की अधिकांश सहकारी सोसायटियों के पास यूरिया नहीं पहुंच सका है। 25 दिनों के अंतराल में 19 में से सिर्फ 6 सोसायटियों के पास यूरिया के एक-एक ट्रक पहुंचे हैं। इनसे जुड़े किसानों को भी सिर्फ 5-5 बोरी यूरिया प्रदान किया गया। अन्य 13 सोसायटियों पर किसान अभी भी यूरिया आने का इंतजार कर रहे हैं। इन किसानों को प्राइवेट दुकानों पर भी यूरिया नहीं मिल पा रहा है।

हम और यूरिया की व्यवस्था कर रह हैं

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