65 में से 11 मिलर्स ने ही शुरू किया धान का उठाव, केंद्रों में बढ़ा स्टॉक

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राजनांदगांव:  Nov 16, 2018,

इस बार जिले में राइस मिल्स की संख्या घटी है। पिछले साल चावल जमा नहीं कर पाने के कारण दो मिल से करार नहीं हो पाया है। दो बंद हो चुकी है। किसान मिल मिलिंग के लायक नहीं है। ऐसे सात मिल्स को सूची से निकालने के बाद जिले में 65 मिल्स बची है। अनुबंध के बाद 11 मिलर्स ने खरीदी केंद्रों से धान का उठाव शुरू किया है, जो कमतर है। ऐसे में केंद्रों में स्टॉक बढ़ता जा रहा है। 114 में 9 केंद्र में स्टॉक बफर लिमिट क्राॅस कर चुका है। यदि जल्द मिलर्स ने यहां से उठाव नहीं शुरू किया तो धान संग्रहण करने में दिक्कत हो सकती है। समितियों को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

संग्रहण केंद्रों में धान ले जाने के लिए परिवहन की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। यही वजह है कि इस बार मिलर्स को धान उठाव की प्राथमिकता दी गई है, लेकिन कागजी कार्रवाई के फेर में गिनती के मिलर्स को डीओ जारी किया गया है। अफसर की मानें तो मुख्यालय से परिवहन के लिए टेंडर किया जाता है, लेकिन इस बार आचार संहिता के कारण दिक्कत हुई। हालांकि प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

राजनांदगांव. उठाव नहीं होने से केंद्रों में सूखत की आशंका बढ़ी।

4.47 लाख में से सिर्फ 15 हजार क्विंटल का उठाव

15 नवंबर की स्थिति में 11423 किसानों ने 447434.80 क्विंटल धान बेचा था। इसमे से मिलर्स ने 15960 क्विंटल का उठाव किया। खरीदी के मुकाबले यह प्रतिशत कम है। जिस गति से धान की आवक हो रही है। इस लिहाज से परिवहन में तेजी लाने की जरूरत है, नहीं तो समितियों को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

सूखत से समितियों को 100 से 150 रुपए का नुकसान

114 में 113 केंद्रों में धान खरीदी की जा रही है। खरीदी में तेजी के कारण केद्रों में धान रखने के लिए जगह कम पड़ रही है। सूखत होने पर प्रत्येक क्विंटल पर समितियों को 100 से 150 रुपए नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। वैसे भी इस बार एक नवंबर से खरीदी शुरू हुई है, लेकिन 15 नवंबर की स्थिति में छुट्टियों के कारण सिर्फ 8 दिन खरीदी हो पाई है।

दो गुना गति से बढ़ रही आवक, ऐसे समझें

बीते 9 नवंबर को 444 किसानों ने 110 केंद्रों में 20,427.4 क्विंटल धान बेचा था। जबकि 13 नवंबर को केंद्रों में इससे दोगुनी आवक हुई। 13 तारीख की स्थिति में 43455 क्विंटल धान बेचा था। 14 नवंबर को 71748.40 क्विंटल धान बेचा गया। 15 नवंबर को 81228.60 क्विंटल धान की आवक हुई।

क्षमता 50 पर 40 ही भरा

बारदाना की क्षमता 50 किलोग्राम है। लेकिन 40 किलो के मान से धान तौलाई की जा रही है। 15 नवंबर की स्थिति में 447434.80 क्विंटल धान को भरने के लिए 1118586 नग बारदाना का उपयोग किया गया। अब 3034606 नग बारदाना शेष है। जबकि समितियों को 4153192नग बारदाना मिला।

  एसके पाठक, डीएमओ,राजनांदगांव

आचार संहिता से दिक्कत

-आचार संिहता के चलते मुख्यालय से टेंडर होने में कुछ दिक्कत आई थी, जो ठीक हो गया है।

-हमें आदेश मिले हैं, पिछले साल के टेंडर को 3 माह अतिरिक्त करें।

-ट्रांसपोटर्स से चर्चा कर कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है जल्द परिवहन शुरू होगा।

-64 मिलर्स से अनुबंध हुआ है, जरूरत के मुताबिक डिलवरी आॅर्डर दिए जा रहे है।

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