इन 11 गांवों मेंे फसल बीमा बना मुद्दा दिल्ली तक भेजा पत्र, कुछ नहीं हुआ

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राजनांदगांव Nov 01, 2018

डोंगरगांव विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े ग्राम लालबहादुर नगर क्लस्टर के 11 गांव के किसानों को अब तक फसल बीमा की राशि नहीं मिलने पर नाराज चल रहे हैं। ब्लॉक का दर्जा प्राप्त गांव साहू, लोधी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण विधानसभा के चुनावी परिणाम में महत्वपूर्ण निभा सकते हैं। इनके अलावा किसानों का भी एक बड़ा समूह बीमा राशि नहीं मिलने से असंतुष्ट नजर आ रहा है। किसानों का कहना है कि हमारी मांग जायज है, क्योंकि एलबी नगर क्लस्टर के 11 गांवों में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने भौतिक सत्यापन किए बिना ही गलत रिपोर्ट तैयार कर दिया। जबकि अल्प वर्षा की वजह से किसानों को नुकसान हुआ। गलत रिपोर्ट बनाने की वजह से इन गांवों के किसान बीमा राशि से वंचित है।

जिला प्रशासन की जांच में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की लापरवाही को सही पाया गया और उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख के आयुक्त के संज्ञान में डालते हुए फसल बीमा की राशि नहीं मिलने की जानकारी दी। बीमा संघर्ष समिति के सचिव हेमलाल वर्मा के अनुसार लालबहादुर नगर के अलावा झंडा तालाब, मक्काटोला, मोतीपुर, नारायणगढ़, पटपर, रामाटोला व रामपुर पंचायतों के किसान वंचित है। पटवारी की रिपोर्ट व ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के रिपोर्ट में विरोधाभास सामने आया। अनुमान से अधिक उपज बताते हुए प्रपत्र-2 तैयार कर उसमें धान का वजन दर्ज किया गया, जिसके कारण ग्राम पंचायत के वास्तविक उपज अधिक आया। भू-अभिलेख के संचालक ने पूरी रिपोर्ट दिल्ली की बीमा कंपनी इफको टोक्यो को भेजा है, परंतु निराकरण अब तक नहीं हुआ।

बीमा राशि नहीं मिलने से किसान नाराज

रिपोर्ट के आधार पर बीमा कंपनी ने नहीं दी राशि

ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की गलत रिपोर्ट की वजह से बीमा कंपनी ने 11 गांवों के किसानों को बीमा राशि का भुगतान नहीं किया। किसानों की आपत्ति के बाद प्रशासन ने टीम गठित कर दोबारा जांच करवाया। पहली रिपोर्ट पूरी तरह जमीनी सत्यापन किए बिना ही तैयार की गई थी। जिला प्रशासन ने दूसरी रिपोर्ट बनाकर बीमा कंपनी को भेज दिया है। सचिव हेमलाल वर्मा ने बताया कि इसके बाद भी यदि उन्हें न्याय नहीं मिलता है तो किसान सीधे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

चुनावी शोर के बीच इनकी मांग तो जायज है

किसानों की मांग चुनाव के पहले से चल रही है। बीमा संघर्ष समिति गठित कर किसान सरकार से अपना हक मांग रहे है। हेमलाल वर्मा, बसंत चंद्रवंशी, ढेलू वर्मा, डोमन वर्मा, दिलीप वर्मा, चमरू नेताम, चेतन सिन्हा, शालू ताम्रकार, कुलेश्वर साहू, दुलेश्वर वर्मा का कहना है कि अब चूंकि चुनावी शोर भी शुरू हो चुका है। लालबहादुर नगर समेत अन्य गांव राजनीतिक दलों के लिए अहम है। प्रशासन ने गेंद को बीमा कंपनी के पाले में डाल दिया है। दिल्ली तक लेटर भेजने के बाद भी कुछ नहीं हुआ।

अब किसानों को न्याय नहीं मिला तो जाएंगे हाईकोर्ट


इस प्रकरण में शासन ही अंतिम निर्णय लेगा

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