समर्थन मूल्य पर चना-मसूर बेचने वाले ढाई हजार किसानों का अटका है 23 करोड़ का भुगतान

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रायसेन |  Sep 15, 2018

तीन माह पहले समर्थन मूल्य पर चना और मसूर बेचने वाले 2669 किसान भुगतान नहीं होने से परेशान हो रहे हैं। इन किसानों को करीब 23 करोड़ 15 लाख 68 हजार रुपए की राशि दी जानी है। लेकिन जिला प्रशासन खुली नीलामी से चना मसूर बेचकर 4 करोड़ 99 लाख की राशि ही जुटा पाया है। और शासन से 8 करोड़ 14 लाख 77 हजार रुपए भुगतान के लिए मिले हैं। इस तरह 12 करोड़ 74 लाख 73 हजार रुपए की व्यवस्था भुगतान के लिए हो पाई है।

यह राशि जिलास्तरीय समिति के निर्णय के बाद उक्त किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा रही है। इस तरह किसानों को मात्र अपनी उपज का 55 फीसदी ही राशि वर्तमान में मिल पाएगी। शेष 45 फीसदी राशि मिल भी पाएगी कि नहीं अभी इस पर संशय बना हुआ है। शेष बची 10 करोड़ 40 लाख 92 हजार रुपए की राशि की डिमांड शासन से की गई है। जब तक शासन से यह राशि नहीं मिलती है, तक तक किसानों को अपनी राशि पाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा।

जिले के 20 केंद्रों पर शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर चना और मसूर की खरीदी की गई थी। इन केंद्रों पर आखिरी समय में 2669 किसानों ने अपनी उपज यहां पर बेची थी, लेकिन उनके ई-बिल जारी नहीं हो पाए।

एेसी स्थिति में उनका माल कई दिनों तक सोसायटी पर ही पड़ा रहा। बारिश होने से कई किसानों के चना और मसूर खराब भी हो गए। हालांकि जिला प्रशासन ने शासन से विशेष अनुमति लेकर उक्त किसानों के खरीदी बिल जारी तो करवा दिए, लेकिन भुगतान फिर भी अटका रहा।

राशि का भुगतान करवाने किसानों ने सौंपा ज्ञापन

शुक्रवार को भारतीय किसान संघ के जिला उपाध्यक्ष मिट्ठूलाल मीणा के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्टर एस प्रिया मिश्रा को चना मसूर का भुगतान करवाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि जिले भर ढाई हजार से अधिक किसानों का भुगतान अटका हुआ है। उसमें देवनगर सहकारिता सोसायटी के 45 किसान भी शामिल है, जिनका अभी तक उनकी 32 लाख 82 हजार 350 रुपए का भुगतान नहीं हो सका है। इन किसानों ने कहा कि वे बैंक के चक्कर लगा-लगा कर परेशान हो गए हैं, लेकिन हमारा भुगतान नहीं हो पा रहा है। ज्ञापन सौंपने वालों किसान चरन सिंह, हाकम सिंह, राजकुमार, गगन सक्सेना, शैलेंद्र सैनी सहित अन्य किसान शामिल है।

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