पीले मटर के आयात पर रोक को कोर्ट ने उचित ठहराया; किसानों को बाजार मूल्य से दाम मिलेगा

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8 Nov, 2018

मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र व कर्नाटक के पीला मटर उत्पादन करने वाले लाखों किसानों के हक में ऐतिहासिक फैसला दिया है। कोर्ट ने विदेशों से पीले मटर के आयात पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र के निर्णय व इस संबंध में डायरेक्टर जनरल फाॅरेन ट्रेड की अधिसूचना को उचित मानते हुए प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। इससे तीनों राज्यों के लाखों उत्पादक किसानों को बाजार मूल्य पर उचित कीमत मिल सकेगी।

मप्र हाई कोर्ट इंदौर खंडपीठ में जस्टिस सतीशचंद्र शर्मा व जस्टिस वीरेंदरसिंह की डिविजन बेंच ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 (6) की व्याख्या करते हुए पीले मटर उत्पादक देश के छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों को राहत प्रदान की। केंद्र सरकार व डायरेक्टर जनरल फाॅरेन ट्रेड की ओर से सीनियर सीजीएससी प्रसन्ना प्रसाद ने धारा 5 व 6 फाॅरेन ट्रेड (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट 1992, फाॅरेन ट्रेड पाॅलिसी 2015-2020 एवं संविधान के अनुच्छेद 19 (6) से संबंधित कानूनी पहलुओं से कोर्ट को अवगत कराया।

प्रसाद ने कोर्ट से कहा कि पीले मटर उत्पादकों को न्यूनतम समर्थन मूल्य 4400 रुपए प्रति क्विंटल मिलता था।

लेकिन आयात के कारण मप्र में 3452 रुपए प्रति क्विंटल, महाराष्ट्र में 3425 रुपए व कर्नाटक में 3662 रुपए प्रति क्विंटल मिल पाता था। कोर्ट ने इन तर्कों से सहमत होकर कानूनी प्रावधानों का विश्लेषण और व्याख्या करते हुए उन परिस्थितियों को निर्धारित किया गया जिसमें केंद्र सरकार अनुच्छेद 19 के मौलिक अधिकारों को नियंत्रित करती है। इस प्रकरण में केंद्र सरकार द्वारा आयात पर लगाए गए प्रतिबंध को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 (6) तथा अन्य प्रावधानों की परिधि में उचित पाते हुए याचिका निरस्त कर दी। हाई कोर्ट इंदौर का यह आदेश पूरे देश पर लागू होगा, जिसका देशव्यापी परिणाम होगा और लाखों छोटे व मध्यम श्रेणी के भारतीय उत्पादकों को उनकी फसल का भारतीय बाजार में उचित मूल्य प्राप्त हो सकेगा। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर विदेशों से किए जा रहे आयात पर रोक लगेगी जिससे भारतीय मुद्रा की बचत होने के भारतीय अर्थ व्यवस्था भी सशक्त होगी।

इसी साल केंद्र ने लगाया था प्रतिबंध

प्रसाद के मुताबिक प्रकरण की पृष्ठभूमि यह है कि विभिन्न आयातकों द्वारा विदेशों से कई हजार मैट्रिक टन पीले मटर का आयात किया जा रहा था। इससे मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र व कर्नाटक के लाखों किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी कम दाम पर अपनी पैदावार बाजार में बेचना पड़ती थी। इन परिस्थितियों में केंद्र सरकार ने पीले मटर के विदेशों से आयात पर अप्रैल 2018 में रोक लगा दी गई। उसके बाद डायरेक्टर जनरल ऑफ फाॅरेन ट्रेड ने अधिसूचना जारी की। इस अधिसूचना को मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में चुनौती देते हुए रिट याचिका दायर करते हुए प्रतिबंध हटाने की मांग की गई थी।

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